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उत्तराखंड में मौसम का ‘ऑरेंज अलर्ट’: अगले 36 घंटे के लिए राज्य में मौसम का ऑरेंज अलर्ट

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उत्तराखंड में मौसम का ‘ऑरेंज अलर्ट’: अगले 36 घंटे के लिए राज्य में मौसम का ऑरेंज अलर्ट

 

 

​देहरादून/ऋषिकेश: उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है, जिससे विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पर्वतीय जिलों में अगले 36 घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने न केवल तीर्थयात्रियों की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है, बल्कि प्रशासन की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।

 

 

​मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे सीमांत जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ तीव्र ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। सबसे अधिक प्रभाव उच्च हिमालयी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहाँ 4,000 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का अनुमान जताया गया है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मई के महीने में भी कड़ाके की ठंड का एहसास हो रहा है।

 

 

​केदारनाथ धाम में मौसम की मार सबसे ज्यादा देखी जा रही है। सोमवार को धाम में अचानक आए बर्फीले तूफान और दृश्यता (विजिबिलिटी) कम होने के कारण आसमान में उड़ रहे दो हेलीकॉप्टरों को आनन-फानन में सुरक्षित स्थानों पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। गनीमत रही कि पायलटों की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं। इस घटना के बाद केदारनाथ के लिए हेली सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और मौसम साफ होने का इंतजार किया जा रहा है।

 

 

​बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य प्रशासन ने चारधाम यात्रियों और पर्यटकों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम की सटीक जानकारी लेने के बाद ही अपनी आगे की यात्रा शुरू करें। जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील मार्गों पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) और पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।

 

 

​प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट और आवश्यक दवाइयां जरूर रखें। केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले मार्गों पर जगह-जगह यात्रियों को रोककर सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण पहाड़ों में अगले दो दिनों तक स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है, जिसके बाद ही मौसम में सुधार की उम्मीद है।

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