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कावंड़ यात्रा 2023: लाउड म्यूज़िक पर नियंत्रण, 12 फीट से ऊंची नहीं होगी कांवड़, इन नियमों को मानना होगा अनिवार्य

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उत्तराखंड आने वाले कांवड़ यात्री ध्यान दें, हर हाल में होगा इन नियमों का पालन, पढ़िए गाइडलाइन

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हरिद्वार: आगामी चार जुलाई से 15 जुलाई तक कांवड़ यात्रा का प्रारंभ होना है और हर साल की तरह हरिद्वार में कावड़िए अपनी आस्था के चलते गंगाजल लेने आएंगे और भगवान शिव की भक्ति में लीन होंगे। मगर यात्रा के दौरान हर साल कुछ कड़े नियम और कानून बनाए जाते हैं जिनका सख्ती से पालन करना अनिवार्य होता है और पुलिस भी यह देखती है कि सभी लोग नियम और कानूनों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं।

कांवड़ यात्रा के दौरान हर साल करोड़ों लोग हरिद्वार की ओर रुख करते हैं ऐसे में जाम व्यवस्था से लेकर हर तरह की सुरक्षा व्यवस्था और परिवहन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे, यह सब देखना जरूरी होता है। ऐसे में इस बार भी पुलिस प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को लेकर नियमों की लिस्ट जारी कर दी है। इस साल भी लगभग चार करोड़ से अधिक यात्रियों के आने की संभावना है।

कांवड़ मेला क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 32 जोन और 130 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। कांवड़ मेले में इस बार डीजे प्रतिबंधित नहीं रहेगा। मगर पुलिस इसे नियंत्रित करेगी। यात्रा के दौरान कोई भी 12 फीट से ऊंची कांवड़ नहीं ला सकेगा। यह तय किया गया कि हर कांवड़ यात्री को अपने साथ पहचानपत्र लाना अनिवार्य होगा।

कांवड़ यात्रा की व्यवस्था में लगे सभी नोडल अफसरों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इसके अलावा सभी चेकपोस्ट और बैरियरों पर संयुक्त रूप से चेकिंग की जाएगी। बैठक के बाद डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस यातायात प्लान बनाएगी।

इस बार भी डीजे को प्रतिबंधित नहीं किया गया है मगर पुलिसि यह ध्यान रखेगी कि उसकी ध्वनि नियंत्रण में हो। इसी के साथ डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि यात्रा मार्ग पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस का सीसीटीवी कवरेज भी अच्छा है। उत्तराखंड पुलिस 500 सीसीटीवी कैमरों से जबकि, उत्तर प्रदेश पुलिस 1000 कैमरों से नजर रखेगी। 333 सीसीटीवी कैमरे केवल हरिद्वार के मेला क्षेत्र में लगे हुए हैं।

कांवड़ के दौरान चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी। ये प्रमुख निर्णय शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में हुई। बैठक में सात राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और पंजाब के पुलिस अधिकारियों और आईबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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