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साल के पहले शनिवार को करें ये उपाय, नहीं पड़ेगा शनि प्रभाव

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इस दिन प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व उठें। नित्य कर्मों से निवृत होकर गंगाजल युक्त पानी से स्नान-ध्यान करें। काला वस्त्र धारण कर शनिदेव की पूजा करें। उन्हें जल में काले तिल मिलाकर अर्घ्य दें। इसके बाद तिल या सरसों के तेल का दीप जलाकर कुशलक्षेम की विनती करें।

शनिवार का शनिदेव को समर्पित होता है। इस दिन शनिदेव और हनुमान जी की पूजा-उपासना की जाती है। साल 2022 का पहला दिन शनिवार है। साथ ही इस दिन मासिक शिवरात्रि भी है। अतः यह दिन बेहद शुभ है। शनिदेव को न्याय का देवता कहा जाता है। अच्छे कर्म करने वाले को शुभ और बुरे कर्म करने वाले को दंड देते हैं। अगर आप भी न्याय के देवता शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो साल के पहले शनिवार को ये उपाय जरूर करें। इन उपायों को करने से शनिदेव की कृपा आप पर जरूर बरसेगी। साथ ही शनि प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। आइए जानते हैं-

-शनिवार को मासिक शिवरात्रि है। ज्योतिषों की मानें तो नियमित तौर पर सोमवार और शनिवार को जल में काले तिल मिलकर शिवलिंग पर अर्घ्य देने से शनि का प्रभाव खत्म हो जाता है। अतः शनिवार के दिन शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्घ्य जरूर दें।

-हर शनिवार को काले कुत्ते को भोजन कराने से व्यक्ति को शनि की ढैया और साढ़ेसाती से मुक्ति मिलती है। अतः नव वर्ष के प्रथम दिन काले कुत्ते को रोटी जरूर खिलाएं।

-शनिदेव न्याय के देवता हैं। उन्हें न्याय प्रिय लोग बेहद पसंद हैं। नव वर्ष पर शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को उड़द दाल, खिचड़ी, सरसों का तेल, छतरी, काले तिल, काले जूते और कंबल आदि चीजों का दान करें। इससे शनिदेव की कृपा आप पर जरूर बरसेगी।

– ज्योतिषों की मानें तो शनिवार के दिन लोहे से बनी चीजों का दान करना शुभ होता है। इसके लिए शनिवार के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को लोहे से बनी चीजें अवश्य दान करें।

– इस दिन प्रातः काल सूर्योदय से पूर्व उठें। नित्य कर्मों से निवृत होकर गंगाजल युक्त पानी से स्नान-ध्यान करें। काला वस्त्र धारण कर शनिदेव की पूजा करें। उन्हें जल में काले तिल मिलाकर अर्घ्य दें। इसके बाद तिल या सरसों के तेल का दीप जलाकर कुशलक्षेम की विनती करें। साथ ही शनि चालीसा, शनि स्त्रोत और शनि आरती करें। इससे शनिदेव की कृपा जरूर बरसेगी।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

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