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तबीयत बिगड़ने से आज तीन और तीर्थयात्रियों की हुई मौत, अब तक 16 यात्रियों की हो चुकी है मौत

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चारधाम यात्रा के धाम तबीयत बिगड़ने से रविवार को तीन और तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। इनमें से एक की मौत केदारनाथ पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी के पास तो दो यात्रियों की मौत गंगोत्री और यमुनोत्री पैदल मार्ग पर हुई। केदारनाथ यात्रा में अब तक चार यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि यमुनोत्री और गंगोत्री में कुल 12 यात्रियों की मौत हो चुकी है।

केदारनाथ यात्रा के दौरान रविवार को जंगलचट्टी से आधा किलोमीटर आगे जीत सिंह पुत्र देवेंद्र सिंह, निवासी श्रीराम संजयनगर, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) की आचानक तबीयत बिगड़ गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इससे पहले शनिवार सात मई को यात्रा शुरू होने के दिन गौरीकुंड से केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली में मध्यप्रदेश के ग्राम गौरकुंड, भीन्ड पाली के निवासी 61 वर्षीय दिलासाराम पुत्र जयनारायाण की दोपहर एक बजे अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।

शनिवार को ही 62 वर्षीय उर्मिला गर्ग पत्नी त्रिलोकी नाथ गर्ग, निवासी बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) की केदारनाथ धाम में रात्रि साढे दस बजे अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई।

सात मई को ही गौरीकुंड में देर रात्रि 9.40 पर 46 वर्षीय प्रवीन सैनी पुत्र रमेश कुमार निवासी सिटी सोना रोड, सैक्टर 49 गुडगांव हरियाणा पैदल फिसलने से खाई में जा गिरे, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

वही, उत्तरकाशी में रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर दो यात्रियों की हृदय गति रुकने मौत हो गई। दोनों यात्री महाराष्ट्र मुंबई के निवासी हैं। रविवार की सुबह यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए जानकीचट्टी पहुंचे जगदीश मीठालाल (60 वर्ष) निवासी नियर साईं बाबा मंदिर भयंदर ईस्ट मुंबई, तहसील मीरा भयंदर (महाराष्ट्र) की तबीयत बिगड़ी।

स्वजन यात्री को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र में फिजिशियन डा. कपिल तोमर ने यात्री को जीवन रक्षक औषधि दी, लेकिन यात्री ने वहीं पर दम तोड़ दिया। जबकि रविवार की शाम को गंगोत्री धाम के दर्शन करने के बाद उत्तरकाशी लौट रहे यात्री दल में शामिल मेदवती (58 वर्ष) निवासी मुंबई (महाराष्ट्र) की गंगनानी के पास तबीयत खराब हुई।

यात्री अपने वाहन से महिला यात्रा को उत्तरकाशी की ओर लाते रहे। तेखला के निकट महिला यात्री को एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया तथा जिला अस्पताल ले जाया, जहां चिकित्सकों ने महिला यात्री को मृत घोषित कर दिया।

तीर्थयात्रियों की मौत के बाद प्रशासन सतर्क

केदारनाथ यात्रा के शुरुआत में ही तीर्थयात्रियों के मौत के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पैदल मार्ग पर पुलिस कर्मी व राज्य आपदा मोचन बल (एसडीएआरएफ) जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है।

तबीयत बिगड़ने पर तत्काल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए पैदल मार्ग व धाम में जीवनरक्षक दवा रखने के साथ ही आक्सीजन की व्यवस्था भी की गई है। केदारनाथ धाम व पैदल मार्ग पर आक्सीजन की कमी, ठंड लगने, ह्दय रोगियों व अस्थमा के रोगियों के जीवन का खतरा हर समय बना रहता है।

केदारनाथ में सेवाएं दे रहे सिक्स सिग्मा के डा. प्रदीप भारद्वाज ने बताया कि केदारनाथ धाम में आक्सीजन की कमी है व ठंड भी काफी अधिक है। ह्दय रोगियों व सांस से संबंधित रोगियों के लिए मौत का खतरा बढ़ जाता है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि यात्रियों को पैदल मार्ग पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

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