अपराध
राजधानी में भाजपा पार्षद के घर लूट की सनसनीखेज वारदात, नौकर ने खाने में मिलाया नशीला पदार्थ; बेहोश होते ही जेवर लेकर फरार
राजधानी में भाजपा पार्षद के घर लूट की सनसनीखेज वारदात, नौकर ने खाने में मिलाया नशीला पदार्थ; बेहोश होते ही जेवर लेकर फरार
देहरादून । भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की वारदात ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घर में घरेलू कामकाज के लिए रखा गया नेपाल निवासी नौकर ही कथित तौर पर इस पूरी वारदात का मुख्य आरोपी है। आरोप है कि उसने परिवार के सदस्यों को खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया और सभी के बेहोश होने के बाद घर में रखे सोने के आभूषण लेकर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पार्षद अमिता सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि उनके पति महिपाल सिंह और बेटे की हालत ठीक बताई जा रही है।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब फरार नौकर की तलाश के साथ-साथ इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि वारदात को अंजाम देने से पहले उसने घर और परिवार के बारे में कितनी जानकारी जुटाई थी और क्या उसे किसी अन्य व्यक्ति की मदद मिली थी।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए घर तक पहुंचा था नौकर
जानकारी के मुताबिक, अमिता सिंह की बेटी मेघा दिल्ली में रहती हैं। परिवार को घरेलू कामकाज के लिए एक कर्मचारी की जरूरत थी। इसी दौरान मेघा ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से नेपाल मूल के व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाई और उसे घरेलू काम के लिए घर पर रखा गया।
बताया जा रहा है कि नौकर को घर में काम करते हुए करीब तीन से चार सप्ताह ही हुए थे। इतने कम समय में उसने परिवार का भरोसा हासिल कर लिया। घर में लगातार आने-जाने और परिवार के सदस्यों के साथ रहने के कारण उसे घर की दिनचर्या और कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी मिल गई थीं। पुलिस की जांच का एक अहम बिंदु यही है कि क्या आरोपी ने पहले से ही वारदात की योजना बना रखी थी या घटना के दिन ही उसने मौका देखकर इसे अंजाम दिया।
खाने में नशीला पदार्थ मिलाने का आरोप
परिवार के मुताबिक, मंगलवार रात घरेलू सहायक ने भोजन में कथित तौर पर कोई नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने के कुछ समय बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे बेहोशी की हालत में चले गए।
परिवार के सदस्यों के होश में आने के बाद जब घर की स्थिति देखी गई तो घरेलू सहायक गायब था। इसके साथ ही घर में रखे सोने के आभूषण भी नहीं मिले। इसके बाद परिवार को शक हुआ कि बेहोशी का फायदा उठाकर नौकर ही जेवर लेकर फरार हुआ है।
घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिवार के सदस्यों से जानकारी लेने के साथ घर की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घर से कितने आभूषण गायब हुए हैं और वारदात के दौरान आरोपी ने किन-किन स्थानों की तलाशी ली।
पार्षद अमिता सिंह अस्पताल में भर्ती
घटना के बाद पार्षद अमिता सिंह की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके पति महिपाल सिंह और बेटे की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है। परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य को देखते हुए पुलिस ने उनके बयान भी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि भोजन में मिलाए गए पदार्थ की वास्तविक प्रकृति क्या थी। इसके लिए भोजन के नमूने और अन्य जरूरी साक्ष्यों की जांच कराई जा सकती है। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि परिवार को किस पदार्थ के जरिए बेहोश किया गया था।
घर में काम करने से पहले जुटाई थी जानकारी?
इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नौकर की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। सामने आया है कि उसे ऑनलाइन माध्यम से घरेलू काम के लिए रखा गया था। ऐसे में पुलिस यह जांच कर रही है कि नौकरी पर रखने से पहले उसकी पहचान, पता और अन्य दस्तावेजों का कितना सत्यापन किया गया था।
पुलिस यह भी खंगाल रही है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नौकर ने अपनी पहचान और पता किस तरह दर्ज कराया था। उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज वास्तविक थे या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
इसके अलावा पुलिस आरोपी के मोबाइल नंबर, ऑनलाइन संपर्क, कॉल डिटेल और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। वारदात के बाद उसका फोन बंद है या वह किसी अन्य माध्यम से संपर्क में है, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
भरोसा जीतने के बाद दिया वारदात को अंजाम
परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि आरोपी नौकर ने बेहद कम समय में घर के सदस्यों का भरोसा हासिल कर लिया था। घरेलू काम करने के दौरान उसे घर की गतिविधियों, परिवार के सदस्यों की दिनचर्या और घर में मौजूद सामान की जानकारी होने की संभावना है।
पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले से यह तय कर लिया था कि किस समय परिवार के सदस्यों को नशीला पदार्थ दिया जाएगा और उसके बाद किस रास्ते से घर से बाहर निकलना है।
वारदात के बाद उसके अचानक गायब होने से पुलिस का शक और गहरा गया है। अब उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अकेले वारदात की या किसी और की भी भूमिका?
पुलिस के सामने दूसरा बड़ा सवाल यह है कि क्या घरेलू सहायक ने पूरी वारदात अकेले अंजाम दी या उसके साथ कोई और व्यक्ति भी शामिल था। घर से आभूषण लेकर निकलने के बाद आरोपी कहां गया, उसने किससे संपर्क किया और क्या किसी वाहन या अन्य साधन का इस्तेमाल किया, इन सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। खासतौर पर उस समय के आसपास की गतिविधियों की जांच की जा रही है जब परिवार के सदस्य बेहोशी की हालत में थे और आरोपी घर से निकला। फुटेज के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आरोपी अकेला निकला या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था।
पहचान और पते के सत्यापन पर भी सवाल
घरेलू सहायकों को बिना पर्याप्त पुलिस सत्यापन के रखने को लेकर यह घटना एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस मामले में पुलिस यह पता लगा रही है कि नौकर को रखने से पहले उसके पहचान पत्र और स्थायी पते की जानकारी का किस स्तर तक सत्यापन किया गया था।
नेपाल मूल के होने के कारण उसके स्थायी पते और स्थानीय संपर्कों की जानकारी जुटाना भी जांच का हिस्सा है। पुलिस अब उसके गृह क्षेत्र, संभावित परिचितों और दिल्ली में रहने वाले संपर्कों की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र फरार नौकर की तलाश, घर से गायब आभूषणों की बरामदगी, परिवार के सदस्यों को दिए गए पदार्थ की पुष्टि और वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका का पता लगाने पर है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वारदात की पूरी साजिश किस तरह तैयार की गई और घर से फरार होने के बाद वह कहां गया।