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अपराध

दलेर मेहंदी प्रकरण पर CM धामी की पहल, बोले- कलाकार मेरे मित्र, खुद करूंगा बात; अब विवाद को विराम देने का समय

 

**मंत्री सुबोध उनियाल के पक्ष को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा—कार्यक्रम के दौरान जनता का दबाव रहा होगा, दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक न होने की जानकारी मंत्री को नहीं थी**

**देहरादून।** पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की कुंजापुरी मेले में प्रस्तुति को लेकर उठे विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए मामले को संवाद के जरिए सुलझाने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को उस समय दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं होने की जानकारी नहीं दी गई थी। कार्यक्रम के दौरान जनता की ओर से दबाव रहा होगा, जिसके चलते ऐसी परिस्थिति बनी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंत्री अपनी बात रख चुके हैं और अब इस प्रकरण को अनावश्यक रूप से आगे बढ़ाने के बजाय यहीं विराम देना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी और मीका सिंह दोनों उनके मित्र हैं और वह स्वयं उनसे बातचीत करेंगे। धामी के इस बयान से विवाद को व्यक्तिगत टकराव के बजाय आपसी संवाद और गलतफहमी दूर करने के नजरिए से देखने का संदेश सामने आया है।

## कुंजापुरी मेले से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, टिहरी जिले में आयोजित मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या के दौरान दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कार्यक्रम के बीच मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर सवाल उठाए। उन्होंने दलेर मेहंदी के शराब के नशे में होने की आशंका भी जताई। मंच पर हुई इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

इसके बाद दलेर मेहंदी के समर्थन में मीका सिंह सहित मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी। कलाकारों ने सार्वजनिक मंच पर वरिष्ठ गायक के साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, सुबोध उनियाल ने अपनी सफाई में कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुति को लेकर लोगों की ओर से सवाल उठाए जा रहे थे और उन पर भी दबाव था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उस समय गायक की तबीयत खराब होने की जानकारी नहीं थी।

## मुख्यमंत्री ने सामने रखा घटनाक्रम का दूसरा पक्ष

इस पूरे प्रकरण पर मुख्यमंत्री धामी के बयान का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने मंत्री की प्रतिक्रिया के पीछे कार्यक्रम के दौरान बनी परिस्थितियों और जानकारी के अभाव को भी सामने रखा। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सुबोध उनियाल को दलेर मेहंदी की तबीयत खराब होने के बारे में पहले से जानकारी नहीं थी। ऐसे में घटनाक्रम को समझने के लिए उस समय की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से सफाई दिए जाने का उल्लेख करते हुए मामले को आगे तूल नहीं देने की बात कही। उनका रुख विवाद को बढ़ाने के बजाय संबंधित पक्षों के बीच बातचीत के माध्यम से स्थिति स्पष्ट करने पर केंद्रित रहा। हालांकि, कलाकारों की ओर से सार्वजनिक मंच पर सम्मानजनक व्यवहार की मांग भी इस प्रकरण का एक महत्वपूर्ण पक्ष है।

## दलेर और मीका से खुद बात करेंगे धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि दलेर मेहंदी और मीका सिंह दोनों उनके मित्र हैं और वह उनसे स्वयं बात करेंगे। इस पहल के जरिए वह कलाकारों के पक्ष को सीधे सुनने और उनके साथ संवाद स्थापित करने की कोशिश करेंगे। मीका सिंह ने भी इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की थी।

धामी का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब स्थानीय मेले में हुई घटना राष्ट्रीय स्तर पर मनोरंजन जगत की चर्चा का विषय बन गई है। मुख्यमंत्री ने किसी एक पक्ष के साथ सार्वजनिक टकराव को आगे बढ़ाने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाने की बात कही है।

## विवाद से आगे बढ़कर संवाद पर जोर

उत्तराखंड में धार्मिक मेलों और सांस्कृतिक आयोजनों का सामाजिक महत्व है। ऐसे कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों की अपेक्षाओं के साथ आमंत्रित कलाकारों की गरिमा और सम्मान भी अहम होते हैं। कुंजापुरी मेले में हुई घटना ने इन दोनों पहलुओं को चर्चा में ला दिया है।

मुख्यमंत्री धामी के बयान से संकेत मिलता है कि सरकार इस प्रकरण को लगातार राजनीतिक या सार्वजनिक विवाद का विषय बनाए रखने के बजाय बातचीत से सुलझाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री की दलेर मेहंदी और मीका सिंह से प्रस्तावित बातचीत पर रहेंगी। इस संवाद से संबंधित पक्षों के बीच स्थिति स्पष्ट होने और विवाद को विराम मिलने की उम्मीद है।

 

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