अपराध
रामनगर में कोहिनूर हत्याकांड: बुलेट और पांच लाख रुपये के लिए नवविवाहिता की हत्या, पति समेत चार गिरफ्तार
**मौत को आत्महत्या दिखाने के लिए दुपट्टे से पंखे पर लटकाने की कोशिश, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने किया सनसनीखेज खुलासा**
**रामनगर।** नैनीताल जिले के रामनगर में पांच महीने पहले निकाह करके ससुराल आई 20 वर्षीय कोहिनूर की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये नकद की मांग पूरी नहीं होने पर नवविवाहिता की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी गई। वारदात को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकाने का प्रयास किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। मामले में पुलिस ने मृतका के पति उवेश, सास नसरीन, जेठ अनस और ननद शबा को गिरफ्तार किया है।
नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआत में कोहिनूर की मौत को आत्महत्या का मामला दिखाने की कोशिश की गई, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों और चिकित्सकीय जांच ने पुलिस के संदेह को गहरा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच की और पूछताछ तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हत्या के घटनाक्रम का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार, वारदात में पति और ससुराल के अन्य सदस्यों की भूमिका सामने आई है।
## 16 मई को हुआ था निकाह, शादी के बाद से दहेज की मांग का आरोप
पुलिस के अनुसार, मुरादाबाद जिले के डिलारी थाना क्षेत्र के बुढनपुर निवासी नसीम अहमद ने 18 अक्टूबर को रामनगर कोतवाली में तहरीर देकर अपनी बेटी कोहिनूर की मौत के मामले में ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए थे। तहरीर के मुताबिक, कोहिनूर का निकाह 16 मई 2026 को रामनगर के खताड़ी क्षेत्र निवासी उवेश के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था।
मायके पक्ष का आरोप है कि विवाह के समय अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज देने के बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये नकद की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर कोहिनूर को कथित तौर पर लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि 16 अक्टूबर को ससुराल के लोगों ने कोहिनूर को कमरे में बंद कर उसकी हत्या कर दी।
तहरीर के आधार पर रामनगर कोतवाली में एफआईआर संख्या 339/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी रामनगर को सौंपी गई।
## कमीज को लेकर शुरू हुआ विवाद, फिर बढ़ती चली गई हिंसा
एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में घटना से पहले के घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। पुलिस के अनुसार, कोहिनूर और उसके पति उवेश के बीच दहेज की रकम और पारिवारिक मामलों को लेकर अक्सर विवाद होता था। घटना वाले दिन सुबह कमीज पहनने को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई। बताया गया कि उवेश ने अपनी मां के कहने पर अपने भाई की कमीज पहन ली थी, जिस पर कोहिनूर ने आपत्ति जताई।
पुलिस के मुताबिक, मामूली बात से शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया। आरोप है कि इस दौरान उवेश ने कोहिनूर को थप्पड़ मारे, जिसके बाद वह रोते हुए घर से बाहर चली गई। बाद में उसे वापस घर लाया गया और उसके साथ फिर मारपीट की गई। पुलिस की पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य भी विवाद में शामिल हो गए।
पुलिस का दावा है कि कोहिनूर ने भी मारपीट का विरोध किया और सास तथा ननद को धक्का दिया। इसके बाद विवाद और हिंसक हो गया। पुलिस के अनुसार, इसी घटनाक्रम के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर कोहिनूर की हत्या करने का फैसला किया।
## मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला दबाने का आरोप
एसएसपी के मुताबिक, विवेचना और पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, कोहिनूर को चारपाई पर गिरा दिया गया। आरोप है कि उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर हाथ-पैर पकड़े गए और गर्दन पर दबाव डाला गया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान गला घोंटे जाने से उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। इसके लिए कोहिनूर के गले में दुपट्टा बांधकर शव को पंखे से लटकाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। ससुराल पक्ष की ओर से शुरुआत में उसे पंखे से लटका हुआ मिलने की बात कही गई थी, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों ने पुलिस को इस कहानी पर संदेह करने के लिए मजबूर किया।
## फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम से खुली मौत की गुत्थी
एसएसपी ने बताया कि 16 अक्टूबर की शाम रामनगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार को अस्पताल से महिला की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो कथित आत्महत्या की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। पुलिस को शव पर फांसी के अनुरूप स्पष्ट निशान नहीं मिले और घटनास्थल पर पंखे तथा बिस्तर के बीच की दूरी भी संदेह का कारण बनी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शव की वीडियोग्राफी कराई गई और चिकित्सकीय जांच के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली गई। एसएसपी के अनुसार, पोस्टमार्टम से जुड़े चिकित्सकीय निष्कर्षों में गर्दन के सी3 और सी4 हिस्से की हड्डियों में टूट-फूट की बात सामने आई। इन तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मौत को सामान्य आत्महत्या मानने के बजाय हत्या के रूप में जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल के निरीक्षण, चिकित्सकीय निष्कर्षों, पूछताछ और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां स्पष्ट की गईं। इसी आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
## पति, सास, जेठ और ननद गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने एसपी हल्द्वानी हरबंस सिंह और क्षेत्राधिकारी रामनगर रविकांत सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार को आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में मृतका का पति उवेश (22), सास नसरीन (50), जेठ अनस (23) और ननद शबा (20) शामिल हैं। चारों रामनगर के खताड़ी क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका और अतिरिक्त साक्ष्यों के संबंध में भी विवेचना जारी है। आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
## एसएसपी ने जांच टीम की सराहना की
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. मंजूनाथ टीसी ने रामनगर पुलिस की जांच की सराहना करते हुए कहा कि शुरुआती स्तर पर ही मौत की परिस्थितियों को संदिग्ध मानकर जांच आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण रहा। पुलिस टीम ने अलग-अलग लोगों से पूछताछ की, घटनास्थल के साक्ष्यों का परीक्षण कराया और चिकित्सकीय निष्कर्षों को जांच से जोड़कर मामले की गुत्थी सुलझाई।
एसएसपी ने निर्देश दिए कि मामले में सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों को व्यवस्थित ढंग से संकलित किया जाए, ताकि अदालत में आरोपों को मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस दोषियों को कठोर सजा दिलाने के लिए प्रभावी विवेचना और अभियोजन की दिशा में काम करेगी।
## दहेज उत्पीड़न और नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा पर फिर सवाल
कोहिनूर की मौत का मामला एक बार फिर दहेज की मांग और घरेलू हिंसा के गंभीर परिणामों को सामने लाता है। निकाह के महज पांच महीने बाद नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और फिर हत्या का खुलासा होने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। मायके पक्ष ने बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये की मांग को इस पूरे घटनाक्रम की वजह बताया है, जबकि पुलिस का दावा है कि जांच में हत्या और घटना को आत्महत्या दिखाने की कोशिश के तथ्य सामने आए हैं।
फिलहाल पुलिस विवेचना के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। मामले में आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।