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Pariksha Pe Charcha 2022: पूरा जीवन परीक्षा, जो तनावमुक्त वही कामयाब: सुमित हृदयेश
हल्द्वानी : एमबी इंटर कालेज पहुंचे विधायक सुमित हृदयेश ने विद्यार्थियों को तनाव मुक्त रहने की सीख दी। क्षमायाचना से शुरुआत करते सुमित ने कहा, ‘मैं क्षमा चाहता हूं। प्रधानमंत्री जी के भाषण के बीच में आ गया हूं।’ बात आगे बढ़ाई कहा, परीक्षा के तनाव को चुनौती में परिवर्तित करें।
स्कूल के दिनों में लौटे सुमित बोले, हम जब स्कूल में थे। हमारे लिए कुछ विषय पसंदीदा थे कुछ कम पसंद। मेरी मैथ व साइंस कमजोर थी। सारे दोस्त साइंस स्ट्रीम में जा रहे थे। बतौर चुनौती मैंने भी विज्ञान चुना। मेरे कई सहपाठी पढाई में बहुत अच्छे नहीं थे, लेकिन जीवन में वह बहुत सफल हैं।
इसलिए मेहनत पर ध्यान देना है। एक और उदाहरण देते हुए विधायक बोले, 12वीं में फिजिक्स का पेपर होने के बाद मैंने दोस्तों से कहा था कि 96 नंबर नहीं आए तो मैं अपना सिर मुड़वा दूंगा। मैं इतना आश्वस्त था। मेरे 84 अंक ही आए। बोले, यह सब चलता है। इसे तनाव के रूप में नहीं लेना है। एक रास्ता बंद होता है तो ईश्वर दूसरा रास्ता खोलकर रखता है। इसे समझना है।
जीवन की उपलब्धियों को ग्रेस माक्र्स समझें
सुमित ने कहा, टाप करके ही नाम रोशन नहीं होता। आत्म संतुष्टि रखें। ईमानदारी से मेहनत करें। सोचें, मेरे से जो बन पड़ा, मैंने वो मेहनत की। नतीजे भगवान पर छोडि़ए। भले आज चार माक्र्स कम भी मिले। जीवन लंबा है। जीवन में कामयाबी मिलते जाएगी, उसे ग्रेस माक्र्स समझकर जोड़ते जाएं। स्कूल, कालेज से लेकर जीवन में कई बार परीक्षा से गुजरना होता है। जो इसमें खुश रहेगा, गाड़ी आगे बढ़ाता रहेगा, तनाव मुक्त रहेगा वही कामयाब है।
लक्ष्य लेकर चलें और आगे बढ़ें
सुमित ने छात्रों से कहा, अपनी पसंद व क्षमता के क्षेत्र में मेहनत करें। मन में जो लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, उस पर आगे बढऩे के लिए चिंता मुक्त होकर जुटे रहिए। आज नहीं तो कल होगा, लेकिन होगा जरूर। इसलिए तनाव मुक्त रहिए, खुश रहिए। हंसते हुए बोले, चुनाव ऐसा (तनाव मुक्त) नहीं होता, लेकिन परीक्षा ऐसी ही होनी चाहिए।
परीक्षा पर मेहनत मामले में मैं आदर्श नहीं
सुमित बोले, परीक्षा के लिए मेहनत के मामले में मैं कोई आदर्श व्यक्ति नहीं हूं। मैं वो व्यक्ति था जो परीक्षा से 10 दिन पहले पढ़ाई में जुटता था। टीचर कहते थे सालभर इतनी मेहनत करते तो टापर होते। आप ऐसा करें मैं इसकी सलाह नहीं दूंगा। आपको अपना लक्ष्य लेकर नियमित रूप से मेहनत में जुटे रहना है।