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पड़ोसी हिमाचल में 12 नवंबर को वोटिंग, 8 दिसंबर को परिणाम, गुजरात का इंतजार बढ़ा

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने हिमाचल प्रदेश में चुनाव तारीखों का ऐलान कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने विज्ञान भवन में चुनावी बिगुल बजाते हुए कहा कि पहाड़ी राज्य हिमाचल में एक फेज में 12 नवंबर को वोटिंग होगी। मतगणना 8 दिसंबर को होगी। गुजरात के लिए अभी चुनाव तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। चुनाव भले ही हिमाचल में हो रहे हों, लेकिन इनका असर उत्तराखंड में भी देखने को मिलेगा। पडोसी हिमाचल के सीमायें उत्तराखंड से लगी हुई हैं। इतना ही नहीं हिमाचल के कई लोग उत्तराखंड में भी रहते हैं।

25 तक नामांकन, 29 तक नाम वापसी
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि 68 विधानसभा सीटों वाले हिमाचल में नोटिफिकेशन 17 अक्टूबर को जारी होगी। 25 अक्टूबर तक प्रत्याशी नामांकन करा सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 27 अक्टूबर को होगी। 29 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपनी दावेदारी वापस ले सकते हैं। 12 नवंबर को वोटिंग होगी और 8 दिसंबर को नतीजे घोषित होंगे।

15 लाख वोटर्स बैलेट के जरिए मतदान करेंगे
चुनाव आयोग ने कहा कि अक्टूबर त्योहारों का महीना है और इसमें लोकतंत्र का त्योहार भी जुड़ने जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पिछले कई महीनों से तैयारी की है। कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर भी तैयारी की गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हिमाचल में 8 जनवरी 2023 को कार्यकाल खत्म हो रहा है। कुल 55 लाख वोटर्स हैं। इनमें से 15 लाख वोटर्स बैलेट के जरिए मतदान करेंगे। 1.6 लाख वोटर्स पहली बार वोट डालेंगे।

मतदान बढ़ाने की कोशिश
राजीव कुमार ने कहा कि वोटर्स लिस्ट का पब्लिकेशन हो चुका है। नए मतदाता जोड़े गए हैं। त्रुटियों को दूर किया गया है। शहरों में वोटिंग बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया है। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव का भी उदाहरण दिया कि मेट्रो शहरों में मतदान कम हुआ था। सभी विधानसभा क्षेत्रों में उन क्षेत्रों में मतदान बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जहां पहले मतदान कम होता रहा है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि यदि किसी के पास वोटर कार्ड नहीं है तो भी दूसरे अन्य दस्तावेजों के सहारे वोट डाल सकते हैं।

पोलिंग बूथ की व्यवस्था
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि हर बूथ पर एक रैंप की व्यवस्था होगी। पीने की पानी की व्यवस्था होगी। हर बूथ ग्राउंड फ्लोर पर होगा। मतदाताओं को अधिकतम सुविधा देने की कोशिश होगी। कुछ पोलिंग बूथ ऐसे होंगे जिनका संचालन सिर्फ महिलाएं करेंगी। हर विधानसभा में कम से कम एक ऐसा बूथ होगा। यह महिला सशक्तिकरण को प्रदर्शित करेगा। कुछ पोलिंग स्टेशन को दिव्यांग कर्मचारी संभालेंगे।

बैलेट पेपर की व्यवस्था
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं को पोस्टल बैलेट की सुविधा दी जाएगी। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। वोट की गोपनीयता से समझौता किए बिना प्रक्रिया की जाएगी।

60 मिनट में पहुंचेगी टीम
चुनाव में मतदाताओं की सुविधा और चुनावी प्रक्रिया को दखल मुफ्त रखने के लिए टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जाएगा। सी विजिलेंस ऐप के जरिए कोई भी मतदाता शिकायत कर सकता है। 60 मिनट के भीतर हमारी टीम पहुंचेगी और 90 मिनट के अंदर उसका निपटारा करेंगे। इसी तरह दिव्यांग मतदाता भी ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। केवाईसी ऐप के जरिए वोटर्स प्रत्याशियों की पूरी जानकारी ले सकेंगे। उनके खिलाफ यदि कोई आपराधिक केस है तो उसकी भी पूरी जानकारी होगी। इसके अलावा उम्मीदवारों को तीन बार इसे पब्लिश भी कराना होगा।

फेक न्यूज पर भी नजर
मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया को भी तथ्यों की परख के बाद पब्लिश करने की सलाह देते हुए कहा कि फेक न्यूज पर नजर रखी जाएगी।

2017 हिमाचल कर परिणाम
68 सीटों वाली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल जनवरी 2023 में खत्म हो रहा है। इससे पहले राज्य में चुनाव होना है। 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 44 सीटों पर जीत हासिल की थी तो कांग्रेस को 21 सीटों पर जीत मिली थी। 3 सीटें अन्य के खातें में रहीं।

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