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अल्मोड़ा सीट पर बीजेपी को पछाड़ कांग्रेस के मनोज तिवारी जीते

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अल्मोड़ा सीट पर आज कांटे की टक्कर देखने को मिली. सारा दिन आगे-पीछे का खेल चलता रहा. अंत में इस खेल में कांग्रेस को विजयश्री हासिल हुई. कांग्रेस प्रत्याशी मनोज तिवारी (MANOJ TEWARI) ने भारतीय जनता पार्टी के कैलाश शर्मा का मामूली अंतर से शिकस्त दी. मनोज के पक्ष में 24249 वोट मिले जबकि, बीजेपी को 24108 वोट हासिल हुए.

निर्दलीय उम्मीदवार विनय किरोला (VINAY KIROLA) 1926 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. आम आदमी पार्टी के अमित जोशी 1650 वोट लेकर चाैथे स्थान पर रहे.

उत्तराखंड (Uttarakhand) के पर्यटन स्थलों में अल्मोड़ा का भी नाम शुमार है. इसके पश्चिम में जागेश्वर और पूर्व में सोमेश्वर विधानसभा की सीमा लगती है. राजनीति की बात करें तो यहां पर अब तक चार बार चुनाव हो चुके हैं. इनमें से कांग्रेस (Congress) और भाजपा दोनों को ही समान रूप से अवसर मिले हैं. भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दो दो बार यहां से सीट जीतने में कामयाब रही हैं.

भाजपा के कैलाश शर्मा ने 2002 में यहां से जीत दर्ज की थी. कैलाश ने कांग्रेस के मनोज तिवारी को 1604 वोटों से हराया था. वहीं 2007 में यह सीट भाजपा के कब्जे से निकल गई और कांग्रेस के हाथों में चली गई. यहां से एक बार फिर 2002 के उम्मीदवार ही आमने सामने थे. लेकिन इस बार जनता ने कांग्रेस के मनोज तिवारी पर भरोसा जताया. मनोज तिवारी ने भाजपा के कैलाश शर्मा को 2980 वोटों से हराया.

2012 विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस बार भारतीय जनता पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया. भाजपा ने रघुनाथ सिंह चौहान को यहां से टिकट देकर मैदान में उतारा. लेकिन भाजपा का यह दांव पार्टी के काम नहीं आया. कांग्रेस ने यहां से अपने पुराने नेता मनोज तिवारी पर ही विश्वास जताया. तिवारी ने भी भरोस बनाए रखा और चौहान 1181 वोटों से हार गए.

2017 का चुनाव भाजपा के लिए एक तरह से नाक का सवाल था. भाजपा ने चुनावी समीकरण बैठाते हुए एक बार फिर रघुनाथ सिंह चौहान को टिकट दिया. इस बार चौहान को मोदी लहर का भी फायदा मिला और उन्होंने तिवारी का हैट्रिक सपना तोड़ दिया. तिवारी चौहान से 4379 मतों से पराजित हुए.

जातीय आधार पर देखें तो यहां पर ब्राह्मणों और क्षत्रियों की संख्या ज्यादा है. ऐसे में यह दोनों जातियां ही चुनावी समीकरण बनाती बिगाड़ती हैं.

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