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काशीपुर में पॉलिटेक्निक के छात्र की गला दबाकर हत्या, एक आरोपी गिरफ्तार

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काशीपुर। पॉलिटेक्निक के छात्र की हमलावरों ने निर्ममतापूर्वक जान ले ली। पहले उसे पीटा गया फिर गला दबा दिया। वह इकलौता बेटा था। बताया जा रहा है कि कुत्ता घुमाने को लेकर एक साल पहले दो परिवारों में विवाद हुआ था।
विधानसभा चुनाव से पहले एक हमलावर ने मुखबिरी का आरोप लगाकर धमकी दी थी। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है।
आईटीआई थाना क्षेत्र में हेमपुर इस्माइल निवासी योगेंद्र चौधरी उर्फ मोनू राजकीय पॉलिटेक्निक में मैकेनिकल का छात्र था। उसके पिता वीर सिंह चौधरी टेंपो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। योगेंद्र 10 जून को दोपहर तीन बजे से गायब था। उसकी मां कमलेश ने योगेंद्र के मोबाइल पर कॉल की तो देर रात तक स्विच ऑफ जाता रहा। रात करीब 11 बजे हेमपुर इस्माइल निवासी मनीष सैनी की सूचना पर बाजपुर रोड स्थित बहल्लापुल के पास पहुंची 108 एंबुलेंस ने घायल योगेंद्र को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मनीष ने ही 112 नंबर पर पुलिस को योगेंद्र की हत्या हो जाने की सूचना दी।
सूचना पर थाना प्रभारी आशुुतोष सिंह, एसआई महेश चंद्र और एसआई सुरभि बौड़ाई आदि ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने योगेंद्र के घर पहुंचकर उसके पिता वीर सिंह और ताऊ नरेश को घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे पिता ने शव की शिनाख्त की। पुलिस ने मनीष को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हेमपुर इस्माइल निवासी हरनेक सिंह और ग्राम उदमावाला थाना रोशनपुर मुरादाबाद निवासी अर्जुन सिंह के साथ योगेंद्र उर्फ मोनू की हत्या करने का जुर्म कबूला।
वीर सिंह का कहना है कि एक वर्ष पूर्व कुत्ता घुमाने को लेकर उसके पुत्र योगेंद्र की हरनेक के साथ कहासुनी हो गई थी। विधानसभा चुनाव से पहले काशीपुर पुलिस ने हरनेक को तमंचे के साथ गिरफ्तार किया था। छूटने के बाद हरनेक ने उनके बेटे पर मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
एसपी चंद्रमोहन सिंह ने बताया कि पुलिस ने हरनेक और मनीष आदि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर मनीष सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है।
हत्या से पहले दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट : एसपी
एसपी चंद्रमोहन सिंह के अनुसार पॉलिटेक्निक के छात्र की हत्या से पहले दोनों पक्षों के बीच हाथापाई भी हुई थी। बताया कि योगेंद्र शारीरिक रूप से तंदुरुस्त था। शुरू में वह हमलावरों पर भारी पड़ गया लेकिन अचानक उसका पैर फिसला और वह गिर गया। बताया कि इसके बाद हमलावरों ने उसे उठने नहीं दिया और डंडों से उसे बुरी तरह पीटा। उसके पूरे शरीर पर नीले निशान पड़ गए। उनमें से एक आरोपी ने उसके सीने पर बैठकर गला दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

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