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खनन के खेल में एनजीटी नियमों को धता बताया, ढूंगापाटली में खान मालिक ने बदला कौशल्या नदी का स्वरूप
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जनता की कौन सुने, खान मालिकों की मौज
- खनन के खेल में एनजीटी नियमों को धता बताया
- ढूंगा में खान मालिक ने बदला कौशल्या नदी का स्वरूप
बागेश्वर। जनता की इस खेल में बिलकुल नहीं सुनी जा रही है क्योंकि मामला खनन से जुड़ा है। ग्रामीण अपनी शिकायत जाएं तो कोई फर्क नहीं, मगर अब ग्रामीणों को गुस्सा कभी भी फूट सकता है। बात ठीक जिलाधिकारी कार्यालय के नजदीक खनन के खेल की है जहां ग्रामीणों की आपत्ति के बाद भी रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। वहीं खान मालिक ने मलबा डालकर कौशल्या नदी का प्रवाह ही बदल दिया है।
ढूंगापाटली में खान प्रारंभ होने के बाद से खान विवादों में है। खान मालिक द्वारा कई बार रात्रि में जेसीबी से खनन किया तो ग्रामीणों ने इसकी शिकायत प्रशासन व खान विभाग से की परंतु खान विभाग ने जांच का हवाला देकर मामले को दबा दिया। इसके बाद रोपवे लगाने का ग्रामीणों ने विरोध किया तथा जिलाधिकारी व खान अधिकारी से कहा कि प्राथमिक विदयालय के समीप रोपवे लगाया जा रहा है जिससे स्कूल की पढ़ाई में व्यवधान की संभावना है परंतु इस पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों का कहना है कि खान मालिक द्वारा रात में खनन किया जा रहा है तथा खान का मलबा कौशल्या नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। ग्रामीण आन सिंह, रमेश सिंह, हरीश सिंह, गणेश सिंह ने कहा कि खान मालिक कौशल्या नदी में मलबा डाल रहा है जिससे नदी के प्रदूषित होने के साथ ही उसका प्रवाह बदल रहा है। बरसात में नदी में प्रवाह अधिक होने के कारण किसानों की उपजाउ भूमि का प्रवाह बदल सकता है जिससे भूस्खलन होने की संभावना है। कहा कि खुलेआम एनजीटी के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं परंतु खान विभाग व प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।