उत्तराखण्ड
हाईकोर्ट सख्त: पेपर लीक एवं सहकारी बैंक की नौकरियों में हुई अनियमितताओं में जांच की क्या स्थिति है?
नैनीताल। हाईकोर्ट ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विपिन सांघी एवं न्यायाधीश न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा है कि पेपर लीक एवं सहकारी बैंक की नौकरियों में हुई अनियमितताओं में जांच की क्या स्थिति है? इस संबंध में नया शपथ पत्र चार सप्ताह के भीतर पेश करें। मामले की अगली सुनवाई के लिए 11 दिसंबर की तिथि नियत की है।
मामले के अनुसार, देहरादून निवासी विकेश सिंह नेगी ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण में युवाओं एवं बेरोजगारों पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही है। सरकार इस मामले में चुप है। छात्रों को जेल भेजा गया। यह मामला बेहद गंभीर है, पुलिस की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है। इसलिए इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए। यूकेएसएसएससी ने वीडीओ भर्ती, लेखपाल भर्ती एवं पटवारी भर्ती की परीक्षाएं कराई हैं। तीनों परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं।
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