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नई सरकार के पहले विधानसभा सत्र में बनेगा रिकॉर्ड, पहली बार महिला स्पीकर की अध्यक्षता में 29 मार्च से होगा सदन
विधानसभा सत्र के पहले दिन सदन में राज्यपाल के बजट अभिभाषण के साथ ही लेखानुदान भी पेश किया जाएगा। 29 मार्च मंगलवार से शुरू हो रहे सदन के लिए विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र को लेकर सोमवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई।
इस दौरान सत्र में होने वाले विधायी एवं संसदीय कार्यों को लेकर चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति में अभी केवल पहले दिन के कार्यों को लेकर ही निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को बजट अभिभाषण के साथ ही सरकार लेखानुदान भी पेश करेगी।
मंगलवार को फिर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक होगी जिसमें बुधवार को एजेंडा तय किया जाएगा। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक खजान दास, बहुजन समाजवादी पार्टी के विधान मंडल दल के नेता हाजी शहजाद मौजूद रहे।
कार्यमंत्रणा में शामिल नहीं हुआ मुख्य विपक्षी दल
विधानसभा में हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से कोई भी विधायक शामिल नहीं हुआ। इस संदर्भ में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को इसकी विधिवत सूचना दी गई थी। लेकिन अभी नेता प्रतिपक्ष का चयन न होने की वजह से शायद पार्टी का कोई विधायक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक का कोरम पूरा था।
गौरवपूर्ण क्षण का इंतजार
राज्य की पहली महिला विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने कहा कि सदन का संचालन करना उनके लिए गौरवपूर्ण क्षण होगा और उनका प्रयास रहेगा कि सदन का संचालन शांतिपूर्वक और सुचारू रूप से हो। उन्होंने सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष से भी सदन को सुचारू ढंग से संचालित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास के मुद्दों को सदन में उठाया जाना चाहिए।
पांच हजार करोड़ के करीब का लेखानुदान
मंगलवार को सरकार सदन में पांच हजार करोड़ के करीब का लेखानुदान लाएगी। यह अगले चार महीनों के लिए सरकार के खर्चों का लेखाजोखा होगा। वित्त विभाग के सूत्रों ने बताया कि जुलाई में सरकार अपना पहला पूर्ण बजट विधानसभा में पेश कर सकती है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने कहा कि लेखानुदान राजस्व और खर्चों का लेखा जोखा मात्र होता है।
जब सरकार के पास पूरा बजट तैयार करने का समय न हो ऐसे में लेखानुदान पारित किया जाता है। लेखानुदान में तीन या चार महीनों के लिए सरकारी कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य सरकारी कार्यों के लिए राजकोष से धन लेने का प्रस्ताव होता है। संविधान के अनुसार राजकोष से धन निकालने के लिए विधानसभा की मंजूरी आवश्यक है।
ऐसे में बजट पेश न होने की सूरत में लेखानुदान पेश करना होता है। लेखानुदान में सरकार नई घोषणाओं के लिए धनराशि का प्रावधान नहीं करती। इसके अलावा नीतिगत निर्णय भी नहीं लिए जाते हैं।