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Kasturi News

अमेरिका के हाथ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। अमेरिकी सेना ने ईराक और सीरिया में आतंक के चरम पर चल रहे आइएसआइएस के लीडर आतंकी उसामा अल-मुजाबिर को ड्रोन हमले में मार गिराया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने दावा किया है कि उसामा अल-मुजाहिर को मारने के लिए 3 एमक्यू-9 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

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अमेरिका को मिली बड़ी कामयाबी, लादेन और अलजवाहिरी के बाद अब ISIS लीडर उसामा अल-मुजाहिर को भी मार गिराया

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दुनिया भर में आतंक का पर्याय बने आतंकवादी संगठन अलकायदा के खूंखार आतंकी और सरगना ओसामा बिन लादेन व अल-जवाहिरी को मौत के घाट उतारने के बाद एक और बड़ी कामयाबी अमेरिका के हाथ लगी है। अमेरिकी सेना ने इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आइएसआइएस) के लीडर उसामा अल-मुजाहिर को ड्रोन हमले में मार गिराया है। अमेरिकी सेना ने पश्चिमी सीरिया में हवाई हमले के दौरान एमक्यू-9 रीपर ड्रोन से आईएसआईएस नेता को मार गिराया। अमेरिकी अधिकारियों ने रविवार को यह घोषणा की है।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने तीन एमक्यू-9 रीपर ड्रोन का उपयोग करके शुक्रवार को हवाई हमले में आईएसआईएस नेता उसामा अल-मुहाजिर को मार गिराया। अधिकारियों का कहना है कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि कोई नागरिक मारा गया है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगी नागरिक के घायल होने की रिपोर्ट का आकलन कर रहे हैं। खास बात यह है कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को उन्हीं ड्रोनों का इस्तेमाल कर सीरिया में आइएसआइएस नेता को मार गिराया, जिन्हें हाल के दिनों में रूसी विमान निशाना बना रहे हैं यूक्रेन में निशाना बना रहे हैं।

एमक्यू-9 ड्रोन से खूंखार आतंकी को मारा

अमेरिका के यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने रविवार को घोषणा की कि उसने दो दिन पहले तीन एमक्यू-9 रीपर ड्रोन का उपयोग करके हवाई हमले में उसामा अल-मुहाजिर को मार गिराया। सेंटकॉम के अनुसार इस हमले में किसी भी आम नागरिक की मौत नहीं हुई है। अमेरिकी कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला ने एक बयान में कहा, ‘हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम पूरे क्षेत्र में आइएसआइएस को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिका ने यह हमला ऐसे वक्त में किया जब रूसी सेना ने ’18 गैर-पेशेवर नजदीकी अमेरिकी ड्रोनों को मार गिराया। इस कारण एमक्यू-9 को असुरक्षित स्थितियों से बचने के लिए प्रतिक्रिया करनी पड़ी।’

तीन एमक्यू-9 ड्रोन ने किया आतंकी का काम खल्लास

अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि तीन रीपर ड्रोन शुक्रवार को आतंकवादियों की तलाश में ऊपर उड़ान भर रहे थे, तभी रूसी बलों ने उन्हें लगभग दो घंटे तक परेशान किया। खतरनाक स्थिति से बचने के लिए ड्रोनों को टालमटोल करने वाली चालें अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले अधिकारी के अनुसार, एक बार मंजूरी मिलने के बाद, ड्रोन ने अलेप्पो क्षेत्र में मोटरसाइकिल चला रहे मुहाजिर पर हमला करने के बेहद करीब थे। हालांकि बाद में वह अलेप्पो के पास ही मारा गया। अल-मुहाजिर मुख्य रूप से देश के पूर्वी हिस्से में काम कर रहा था, क्योंकि यह आतंकवादी समूह सीरिया और इराक के अधिकांश हिस्से पर कब्ज़ा करना चाहता है।

सीरिया और इराक के कई हिस्सों पर कर लिया था कब्जा

आइएसआइएस 2014 में अपने चरम पर था, तब इसने सीरिया और इराक के एक तिहाई हिस्से पर कब्जा कर लिया था। यह समूह इस्लाम का अति-कट्टरपंथी है और हजारों यजीदियों की हत्या सहित अत्याचार करने के लिए जाना जाता है। 2019 में इस जिहादी समूह के संस्थापक अबू बक्र अल-बगदादी सहित आइएसआइएस के तीन प्रमुख मारे जा चुके हैं। सीरिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों से लड़ने के लिए कुर्द नेतृत्व वाली सीरियाई डेमोक्रेटिक फोर्स के साथ काम करने के लिए लगभग 900 अमेरिकी सैनिक सीरिया में तैनात हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि आतंकवादी संगठन में अल-मुहाजिर की क्या भूमिका थी। मगर वह आइएसआइएस का एक बड़ा लीडर था।

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