उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में मौसम का बदलेगा मिजाज, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट; भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी
नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, अन्य जिलों में येलो अलर्ट; मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पांच जनपदों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य जनपदों में भी मौसम के बिगड़े मिजाज को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शासन और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून की ओर से 30 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जनपदों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा की भी आशंका जताई गई है। प्रदेश के अन्य जनपदों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सभी जनपदों में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां पूरी रखी जाएं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग गतिविधियों को मौसम सामान्य होने तक नियंत्रित रखने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के साथ जरूरत पड़ने पर यातायात नियंत्रित करने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि बारिश अथवा भूस्खलन के कारण यदि कोई सड़क बाधित होती है तो संबंधित विभाग तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के तहत नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखने के निर्देश दिए हैं। राजस्व, ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने को कहा गया है। वहीं पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन और अन्य बचाव दलों को जरूरी उपकरणों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर नजर रखने और भारी बारिश एवं खराब मौसम के दौरान अनावश्यक आवाजाही नियंत्रित करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते सभी एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि खराब मौसम के चलते किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।
