उत्तराखण्ड
युवाओं की प्रतिभा और मेहनत से साकार होगा विकसित भारत-2047 का संकल्प: मुख्यमंत्री धामी
**यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में बोले मुख्यमंत्री, युवा नौकरी पाने तक सीमित न रहें, रोजगार देने वाले भी बनें**
**4,795 विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही हैं उपाधियां, छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से किया सम्मानित**
**देहरादून।** मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने में देश के युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। युवाओं की प्रतिभा, मेहनत, लगन और नवाचार की क्षमता के बल पर भारत विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी का है। ऐसे में युवाओं को बदलते समय के अनुरूप अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करना होगा, ताकि वे देश की प्रगति में प्रभावी योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के बिधौली स्थित यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और विश्वविद्यालय के छह विद्यार्थियों को सिल्वर प्लेट पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद अब उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत हो रही है, जहां उन्हें वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी योग्यता और क्षमताओं को साबित करना होगा।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना भी आवश्यक है। विद्यार्थियों को अपने परिश्रम और क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में अच्छे कार्य करने और जरूरतमंदों की सहायता करने से वास्तविक खुशी एवं संतुष्टि मिलती है। व्यक्ति की असली पहचान उसके व्यवहार, विनम्रता और संस्कारों से होती है। इसलिए युवाओं को अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ अच्छे मानवीय मूल्यों को भी जीवन में अपनाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीईएस ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने पिछले दो दशकों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और विद्यार्थियों को आधुनिक विषयों, तकनीकी ज्ञान तथा व्यावसायिक कौशल से जोड़ने में योगदान दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-दुनिया में जहां भी जाएंगे, अपनी प्रतिभा, कार्यक्षमता और उपलब्धियों के माध्यम से उत्तराखंड सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और क्षमताओं का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति के लिए भी करने का आह्वान किया।
**युवाओं की भागीदारी से पूरा होगा विकसित भारत का लक्ष्य**
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मकता और नई सोच बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उनकी प्रतिभा को सही दिशा मिले और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि युवा अपनी मेहनत और लगन से देश को विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, उद्योग और अनुसंधान के क्षेत्रों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने हाल ही में आयोजित निबंध प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया और विभिन्न विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की भागीदारी और उनके सुझावों से स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड के युवा समाज और देश से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक हैं। उनकी सोच में सकारात्मकता है और वे राज्य एवं राष्ट्र के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि जागरूक, शिक्षित और प्रतिभाशाली युवा ही किसी भी राज्य तथा देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार होते हैं।
**आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा उत्तराखंड**
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल टेक्नोलॉजी तेजी से दुनिया को बदल रहे हैं। इन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं और युवाओं के लिए आगे बढ़ने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के समन्वय पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना की गई है। सरकार का प्रयास है कि युवा आधुनिक ज्ञान-विज्ञान में दक्ष होने के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों से भी जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है, जो समाज और देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभा सकें।
वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए देहरादून में साइंस सिटी का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवाओं को नई तकनीकों को समझने, प्रयोग करने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए बेहतर वातावरण मिले। इससे विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ेगी और युवाओं को अनुसंधान तथा नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
**नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा**
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वरोजगार और उद्यमिता को भी करियर के महत्वपूर्ण विकल्प के रूप में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि युवा केवल नौकरी प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने कौशल, विचारों और नवाचार के माध्यम से नए उद्यम स्थापित करें तथा दूसरे लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। इसी दिशा में प्रदेश में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा युवाओं को अपने व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने में सहायता देने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। यदि युवा अपनी प्रतिभा और तकनीकी ज्ञान का उपयोग नए व्यवसाय शुरू करने में करें, तो इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। रोजगार सृजन में युवाओं की भागीदारी बढ़ने से राज्य में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा और विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
**पारदर्शी भर्ती व्यवस्था से पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को नौकरी**
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रदेश में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में मेहनत करने वाले युवाओं को निष्पक्ष व्यवस्था के माध्यम से उनका अधिकार मिले।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता देने से युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है।
**विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री**
दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विद्यार्थियों और उनके परिजनों के बीच पहुंचे तथा उनसे आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में जाना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे विद्यार्थियों के परिजनों से भी मुख्यमंत्री ने संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थी और उनके परिजन उत्साहित नजर आए।
**4,795 विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही हैं उपाधियां**
यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष कुल 4,795 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इनमें नियमित पाठ्यक्रमों के 3,806 विद्यार्थी तथा यूपीईएस ऑनलाइन के 989 विद्यार्थी शामिल हैं। इस अवसर पर यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, यूपीईएस के अध्यक्ष डॉ. राम के. शर्मा, कुलपति डॉ. सुनील राय और प्रो-वाइस चांसलर मनीष मदान सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, विद्यार्थी, उनके परिजन तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।