उत्तराखण्ड
‘अपने नेताओं और पंचमुखी रुद्राक्ष से बात करूंगा…’, राजनीतिक संन्यास पर हरीश रावत ने दिया बड़ा बयान.
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपने राजनीतिक संन्यास को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने एक बार फिर सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। रावत ने कहा कि कुछ लोग उन्हें दो-तीन साल पहले ही भाजपा में भेज चुके हैं, जबकि कुछ लोग उन्हें राजनीतिक संन्यास दिलाने के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि वह अपने मन से राजनीतिक संन्यास नहीं लेंगे, बल्कि इस संबंध में अपने नेताओं से बात करेंगे।
हरीश रावत ने कहा कि वह यह भी देखेंगे कि उनके अपने पंचमुखी रुद्राक्ष की क्या राय है और यदि उनके नेता या दिल्ली से यह कहा जाता है कि अब उन्हें बैठ जाना चाहिए और बहुत हो चुका, तो वह उस फैसले के लिए तैयार हैं।
रावत ने अपने अंदाज में यह भी कहा कि उन्होंने संन्यास के बाद का रोडमैप तक तैयार कर लिया है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि अगर वह राजनीतिक संन्यास लेते हैं तो यह बेहद सादगी से नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनके संन्यास का ऐलान गाजे-बाजे के साथ होगा और जिस दिन वह संन्यास की घोषणा करेंगे, उस दिन वह खुद गाजे-बाजे का इंतजाम करवाएंगे।
रावत का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तराखंड की राजनीति में उनकी आगे की भूमिका को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हाल ही में लंबे अंतराल के बाद उत्तराखंड लौटे रावत लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल की पूरी जांच कराने की चुनौती भी सरकार को दी है और जांच आयोग गठित करने की मांग दोहराई है।
हरीश रावत ने क्या कहा—
«कई लोग हैं, कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने दो-तीन साल पहले ही मुझको बीजेपी में भेज दिया था। वो कहते रहते हैं। चलिए उनकी रोजी-रोटी उसी से चल जाती होगी, अच्छी बात है।
कुछ लोग हैं जो मुझे राजनीतिक सन्यास दिलाना चाहते हैं। सन्यास के लिए तो बहुत सारे लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि अब सन्यास ले लो। अपने मन से कैसे लूं ? अपने नेताओं से बात करूंगा, यहाँ के अपने पंचमुखी रुद्राक्ष से बात करूंगा, या तो वो कहे मुझसे या दिल्ली वाले कहें कि अब बैठ जाओ, हो गया बहुत हो गया।
मैं तो बिल्कुल तैयार हूँ, मैंने सन्यास के बाद का भी रोड मैप बना लिया है। लेकिन मैं सन्यास लूँगा तो याद रखिए मैं तो गाजे-बाजे के साथ करूँगा। उस दिन तो लोग मेरे लिए गाजे-बाजा लाते हैं, उस दिन तो मैं गाजे-बाजा बुलवाऊंगा और उस दिन के साथ अपने सन्यास की घोषणा करूँगा।»चाहें तो इसी खबर की भी बना सकता हूं।एक ज्यादा क्लासिकल और सस्पेंस वाली हेडिंग

