उत्तराखण्ड
उत्तराखंड बनेगा देश का पहला राज्य, अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए बनेगा विशेष बोर्ड, धामी सरकार की बड़ी तैयारी, सरकारी नौकरी के साथ स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में रोजगार का भी बनेगा रोडमैप
उत्तराखंड बनेगा देश का पहला राज्य, अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए बनेगा विशेष बोर्ड, धामी सरकार की बड़ी तैयारी, सरकारी नौकरी के साथ स्वरोजगार और निजी क्षेत्र में रोजगार का भी बनेगा रोडमैप
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली उत्तराखंड सरकार अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। राज्य सरकार सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए एक विशेष बोर्ड गठित करने की योजना बना रही है। यह व्यवस्था लागू होने पर उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जो अग्निवीरों के लिए समर्पित पुनर्वास बोर्ड बनाकर उनके रोजगार और स्वरोजगार की जिम्मेदारी उठाएगा।
सरकार इससे पहले भी अग्निवीरों को समूह ‘ग’ की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय ले चुकी है। अब नई व्यवस्था के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले प्रत्येक अग्निवीर के लिए रोजगार के विभिन्न विकल्प तैयार किए जाएंगे, ताकि उन्हें सेना से लौटने के बाद बेहतर अवसर मिल सकें।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, जिन अग्निवीरों का सरकारी सेवाओं में समायोजन नहीं हो सकेगा, उन्हें विशेष कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। निजी क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग देने की भी तैयारी है।
सरकार निजी उद्योगों और विभिन्न संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्ययोजना पर भी काम कर रही है। उद्देश्य यह है कि सेवा समाप्ति के बाद कोई भी प्रशिक्षित अग्निवीर रोजगार के अवसरों से वंचित न रहे।
गौरतलब है कि अग्निपथ योजना के तहत अभी 25 प्रतिशत अग्निवीरों को सेना में आगे भी सेवा का अवसर मिलता है, जबकि शेष युवाओं के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करना एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। इसी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार पुनर्वास की व्यापक नीति तैयार कर रही है, जिसे देश में एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
