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नई दिल्ली से राजनीतिक बड़ी खबर : सिख दंगों की लड़ाई लड़ने वाले वरिष्ठ वकील और आप नेता फुल्का ने भाजपा ज्वाइन की

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AAP छोड़ चुके वरिष्ठ वकील एच.एस. फूलका BJP में शामिल, पंजाब की कानून व्यवस्था पर जताई चिंता

नई दिल्ली। पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता हरविंदर सिंह फूलका (HS Phoolka) ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। राजधानी दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया।

फूलका के भाजपा में शामिल होने को पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। लंबे समय बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में वापसी की है, जिससे राज्य में भाजपा को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है।

 

पंजाब की स्थिति पर जताई चिंता

भाजपा में शामिल होने के बाद फूलका ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। लोगों को जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के फोन आ रहे हैं और अपराध का डर लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने खासतौर पर नशे की समस्या को भी बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि पंजाब इस समय ड्रग्स और अपराध की दोहरी मार झेल रहा है, जिससे आम जनता परेशान है।

AAP से शुरू हुआ था राजनीतिक सफर

फूलका ने 2014 में आम आदमी पार्टी से राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने लुधियाना से लोकसभा चुनाव लड़ा और बाद में 2017 में पंजाब विधानसभा चुनाव में दाखा सीट से जीत हासिल की। हालांकि, उन्होंने 2019 में AAP छोड़ दी थी।

 

1984 दंगा पीड़ितों के लिए लड़ाई से पहचान

एच.एस. फूलका देश के जाने-माने वरिष्ठ वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं। वे 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने की लंबी कानूनी लड़ाई के लिए खास तौर पर पहचाने जाते हैं।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

उनके भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए तंज कसा कि बार-बार पार्टी बदलने वाले नेताओं को जनता अक्सर स्वीकार नहीं करती।

 

फूलका का भाजपा में शामिल होना न सिर्फ उनके राजनीतिक करियर का नया अध्याय है, बल्कि पंजाब की राजनीति में भी नई हलचल पैदा कर सकता है—खासकर कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर।

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