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उत्तराखंड में अभी तक 40 हजार ने समर्पित किए राशन कार्ड, जिन्होंने नहीं किया ऐसा 30 जून के बाद उन पर होगी कार्रवाई
देहरादून: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘अपात्र को ना-पात्र को हां’ अभियान के दौरान अब तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अभियान (एनएफएसए) और राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत जारी राशन कार्ड में से 40630 कार्डधारकों ने अपने कार्ड समर्पित कर दिए हैं। इनमें सर्वाधिक 7936 कार्ड देहरादून और सबसे कम 414 कार्ड रुद्रप्रयाग जिले में जमा किए गए हैं।
एनएफएसए योजना के अंतर्गत 23.80 लाख राशन कार्ड धारक
प्रदेश में एनएफएसए योजना के अंतर्गत 23.80 लाख राशन कार्ड धारक हैं। केंद्र सरकार द्वारा मानकों में संशोधन के बाद बड़ी संख्या में परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हो गए हैं। इन परिवारों को अपने राशन कार्ड समर्पित करने हैं।
पहले 31 मई तक लौटाने थे अपात्र राशन कार्ड धारकों को कार्ड
इस कड़ी में प्रदेश सरकार ने ‘अपात्र को ना-पात्र को हां’ अभियान शुरू किया है। इसमें अपात्र राशन कार्ड धारकों को पहले 31 मई तक कार्ड लौटाने थे। यह अवधि बढ़ाकर अब 30 जून कर दी है। सरकार द्वारा सख्ती दिखाने के बाद अब इन योजनाओं से जुड़े अपात्र व्यक्तियों ने अपने राशन कार्ड तेजी से वापस लौटाने शुरू कर दिए हैं।
40 हजार से अधिक राशन कार्ड समर्पित
इस अभियान के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक राशन कार्ड समर्पित किए जा चुके हैं। इनमें 7593 कार्ड ऊधमसिंह नगर, 7388 पौड़ी गढ़वाल, 6052 हरिद्वार, 3422 नैनीताल, 2058 टिहरी गढ़वाल, 1993 पिथौरागढ़, 1319 चमोली, 854 बागेश्वर, 722 चम्पावत, 445 उत्तरकाशी और 434 कार्ड अल्मोड़ा में समर्पित किए गए हैं।
30 जून के बाद अपात्र कार्ड धारकों द्वारा कार्ड समर्पित न किए जाने की स्थिति में उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।