उत्तराखण्ड
मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
मध्य प्रदेश के दिग्गज नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के राज्यपाल, हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
**चार बार विधायक, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बालाघाट से सांसद रह चुके हैं बिसेन; मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई गणमान्य लोग रहे मौजूद**
**देहरादून।** उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय संसदीय कार्यकाल के अनुभवी नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को लोक भवन (राजभवन) में आयोजित समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ ली। उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत प्रदेश के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। डॉ. बिसेन राज्य के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन की नियुक्ति को लेकर उत्तराखंड में संवैधानिक स्तर पर नई शुरुआत हुई है। मध्य प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे बिसेन अब राज्यपाल के रूप में उत्तराखंड की संवैधानिक जिम्मेदारी संभालेंगे। उनका राजनीतिक सफर विधानसभा से लेकर लोकसभा तक रहा है।
## पंचायत से विधानसभा और लोकसभा तक का सफर
14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में जन्मे डॉ. ढाल सिंह बिसेन पेशे से चिकित्सक और कृषक भी रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय स्तर से की और वर्ष 1990 में पहली बार मध्य प्रदेश की बरघाट विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद 1993, 1998 और 2003 में भी उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की। इस तरह वह चार बार विधायक रहे।
वर्ष 2003 में मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने वन, परिवहन और खनिज विभागों के साथ स्कूल शिक्षा एवं जेल विभागों में भी मंत्री के रूप में काम किया। वर्ष 2011 से 2013 तक वह मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे।
## 2019 में बने थे बालाघाट से सांसद
डॉ. बिसेन का राजनीतिक अनुभव राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रहा। भाजपा ने उन्हें वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की बालाघाट सीट से उम्मीदवार बनाया, जहां जीत हासिल कर वह 17वीं लोकसभा के सदस्य बने। उनका कार्यकाल 2019 से 2024 तक रहा। इस तरह विधायक, कैबिनेट मंत्री, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष और सांसद के रूप में काम करने के बाद अब उन्हें राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
## उत्तराखंड के लिए नई संवैधानिक जिम्मेदारी
राज्यपाल का पद संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्यपाल राज्य में संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। डॉ. ढाल सिंह बिसेन के पदभार संभालने के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश में उनके संवैधानिक दायित्वों और राज्य सरकार के साथ संस्थागत समन्वय पर नजर रहेगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया था। उनकी नियुक्ति के बाद अब शपथ ग्रहण के साथ उन्होंने विधिवत पदभार संभाल लिया है।