उत्तराखण्ड
बैठक के बीच से टनकपुर मंडी सचिव अनुपस्थित, 28 मार्च तक हर हाल में वसूली के निर्देश
बैठक के बीच से टनकपुर मंडी सचिव अनुपस्थित, 28 मार्च तक हर हाल में वसूली के निर्दे
देहरादून। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड (मंडी परिषद) की समीक्षा बैठक में मंडियों की आय बढ़ाने, लंबित वसूली और परिषद की जमीनों के बेहतर उपयोग को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ अनिल कपूर डब्बू ने की। इस दौरान प्रबंध निदेशक हेमंत कुमार वर्मा, वित्त नियंत्रक तथा प्रदेश की विभिन्न मंडी समितियों के सचिव मौजूद रहे।
बैठक के दौरान एक दिलचस्प स्थिति तब बनी जब टनकपुर मंडी के सचिव बैठक के बीच से ही अनुपस्थित हो गए। इस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई और सभी सचिवों को भविष्य में बैठक के दौरान पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन बनाए रखने की हिदायत दी।
बैठक में अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर ने सभी मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि मंडियों की लंबित वसूली 28 मार्च तक हर हाल में पूरी की जाए। उन्होंने साफ कहा कि वसूली के मामले में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही मंडी परिषद की संपत्तियों और जमीनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यह स्पष्ट किया जाए कि कहां-कहां परिषद की जमीनों पर कब्जे हैं और कहां जमीन खाली पड़ी है। खाली जमीनों के सदुपयोग को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई और सुझाव दिए गए कि योजनाबद्ध तरीके से उनका उपयोग कर परिषद की आय बढ़ाई जा सकती है।
बैठक में यह भी कहा गया कि मंडियों के संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर नए आय स्रोत विकसित किए जाएं। अध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि परिषद की आय बढ़ाने के लिए ठोस योजना बनाकर जल्द अमल में लाई जाए।
बैठक में मंडी परिषद के अधिकारी, वित्त नियंत्रक और सभी मंडी समितियों के सचिव उपस्थित रहे।