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भर्ती घोटाला देवभूमि पर कलंक, सीबीआई जांच से कम मंजूर नहींः भुवन कापड़ी

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हल्द्वानी। यूकेएसएसएससी पेपर लीक घोटाले को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी के एक दिन पहले प्रदेश सरकार पर भर्ती घोटाले के आरोप के ट्वीट के बाद कांग्रेस पार्टी ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। यहां पार्टी कार्यालय स्वराज आश्रम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उप नेता प्रतिपक्ष खटीमा के विधायक भुवन कापड़ी और शहर विधयक सुमित हृदयेश ने भर्ती घोटाले को देवभूमि पर कलंक की संज्ञा दी। भुवन कापड़ी ने कहा कि बिना सत्ता संरक्षण के घोटाला हो नहीं सकता। कापड़ी ने कहा कि 15 जून को विधानसभा में कांग्रेस ने घोटाले का पर्दाफाश किया था और बताया था कि युवाओं से धोखा हो रहा है। सचिवालय घेराव करने के बाद सरकार दबाव में आई और जांच शुरू की।

इसके बाद अब तक 23 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने अब तक अच्छा काम किया है, लेकिन उसके अधिकार सीमित हैं। हुक्मरानों के गिरेबान तक एसटीएफ कैसे पहुंचेगी यह बहुत बड़ा विषय है। उन्होने कहा कि मामला उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दो जिलों से जुड़ा हुआ है। कापड़ी ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की और केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि जब बिहार में शिक्षा भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच हो सकती है तो उत्तराखंड में हुए घोटाले कि जांच क्यों नहीं। यहां तो वन विभाग, दारोगा, हाईकोर्ट के कनिष्ठ सहायक, यूकेएसएसएससी जैसे कई बड़े घोटाले हुए हैं। कापड़ी ने कहा कि कांग्रेस एक घोटाले की जांच की मांग करती है तो यहां दूसरा घोटाला सामने आ जाता है। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने बैक डेट में सचिवालय में कई भर्तियां करा दीं।

इस पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रोक लगाई थी, लेकिन बाद में मंत्री बनते ही तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति को हटाकर पदों को स्वीकृति दे दी। उन्होंने सीएम पर भी सवाल उठाए और कहा कि युवाओं की मेहनत का सौदा किया जा रहा है। उनके पीआरओ, ओएसडी व रिश्तदार सरकारी नौकरी पा चुके हैं। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि कांग्रेस निर्णायक भूमिका में आ चुकी है। प्रदेश के युवाओं को न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन के साथ ही जेल भरने के लिए तैयार है। प्रेसवार्ता में कांग्रेस नगर अध्यक्ष राहुल छिम्वाल, हरीश मेहता, सुहेल सिद्दीकी, गोविंद बगड़वाल आदि थे।

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