अपराध
रेखा आर्य का पलटवार: “गोलज्यू की कसम, ऑडियो 100% असली, कोई बनावट नहीं”; बोलीं—तहरीर वापस नहीं लूंगी, निष्पक्ष जांच से मिलेगा न्याय
रेखा आर्य का पलटवार: “गोलज्यू की कसम, ऑडियो 100% असली, कोई बनावट नहीं”; बोलीं—तहरीर वापस नहीं लूंगी, निष्पक्ष जांच से मिलेगा न्याय
**अस्पताल के बेड पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कैबिनेट मंत्री ने पति पर लगाए आरोपों, वायरल ऑडियो और अपनी संपत्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर दिया जवाब; बोलीं—महिलाओं को अत्याचार सहने के बजाय आवाज उठानी चाहिए**
**देहरादून।** उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद अब सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच पहुंच गया है। पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने और पुलिस में तहरीर देने के बाद रेखा आर्य ने अस्पताल के बेड पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने वायरल ऑडियो को पूरी तरह असली बताते हुए कहा कि उसमें किसी तरह की बनावट या मिलावट नहीं है। उन्होंने गोलज्यू की कसम खाकर ऑडियो की सत्यता का दावा किया और स्पष्ट किया कि वह अपनी शिकायत वापस नहीं लेंगी।
रेखा आर्य ने कहा कि उनके लिए यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन महिलाओं से भी जुड़ा है, जो पारिवारिक परिस्थितियों, सामाजिक प्रतिष्ठा और समाज के सवालों के डर से घरेलू हिंसा या अत्याचार सहती रहती हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के साथ अन्याय होता है तो उसे अपने आत्मसम्मान के लिए आवाज उठानी चाहिए। मंत्री ने भरोसा जताया कि उत्तराखंड पुलिस उनकी शिकायत की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाएगी।
## वायरल ऑडियो सामने आने के बाद उठाए सवाल
रेखा आर्य के अनुसार, उनके पारिवारिक जीवन में पिछले कुछ समय से व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहे थे। उन्होंने अपनी तहरीर का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, घर से बाहर किए जाने और उनके सहयोगियों को धमकाए जाने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा था। उनके मुताबिक, इन घटनाओं के पीछे की वजह जानने के लिए जांच-पड़ताल की गई, जिसके बाद संबंधित ऑडियो सामने आया।
मंत्री ने कहा कि ऑडियो सुनने के बाद उन्हें लगा कि इस घटनाक्रम की जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति के साथ उन्होंने 22-23 वर्षों तक ईमानदारी और समर्पण के साथ जीवन बिताया, उसके बारे में सामने आई बातों को जानना समाज के लिए भी जरूरी है। उन्होंने ऑडियो में पत्नी को लेकर कथित तौर पर की गई टिप्पणियों और उसे नुकसान पहुंचाने की बात का जिक्र करते हुए अपना पक्ष रखा।
रेखा आर्य ने कहा कि उन्होंने अपने निजी जीवन को हमेशा सार्वजनिक चर्चाओं से दूर रखने की कोशिश की, लेकिन इस बार उन्होंने सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से वीडियो जारी किया। उनका कहना था कि महिला चाहे सामान्य परिवार से हो या किसी महत्वपूर्ण पद पर बैठी हो, उसे अपने साथ होने वाले अन्याय के खिलाफ निर्णय लेने का साहस दिखाना चाहिए।
## “तीन बार की विधायक और दो बार मंत्री हूं, फिर भी आत्मसम्मान से समझौता नहीं”
रेखा आर्य ने कहा कि वह सत्ता और सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। वह तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुकी हैं तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभालती हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मामले को सार्वजनिक करने का निर्णय लिया, क्योंकि उनके अनुसार आत्मसम्मान किसी भी पद या प्रतिष्ठा से बड़ा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले को सामने रखने के बाद उनके व्यक्तिगत जीवन पर टिप्पणियां होंगी और लोग उन्हें सही या गलत भी ठहरा सकते हैं। इसके बावजूद उन्होंने इन आशंकाओं को दरकिनार कर कदम उठाया। मंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे समाज क्या कहेगा, लोग क्या सोचेंगे और परिवार की प्रतिष्ठा पर क्या असर पड़ेगा, जैसी चिंताओं के कारण अन्याय सहते रहने को अपनी मजबूरी न बनाएं।
उनका कहना था कि जब महिलाएं अपने साथ होने वाले अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाएंगी और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी, तभी समाज में दूसरे लोगों को भी सीख मिलेगी।
## पुलिस जांच पर जताया भरोसा, शिकायत वापस लेने से इनकार
रेखा आर्य ने कहा कि उनके पति के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी जा चुकी है और मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद निष्पक्ष जांच की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पुलिस किसी सामान्य महिला की शिकायत पर जांच करती है, उसी तरह उनके मामले में भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मंत्री ने आरोपों के बीच शिकायत वापस लेने की मांग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत वापस लेने पर सभी आरोप समाप्त हो जाते हैं, तो इससे आरोप लगाने वालों की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी तहरीर वापस नहीं लेंगी और जांच के जरिए सच्चाई सामने आने देना चाहती हैं।
रेखा आर्य ने कहा कि यदि किसी को उनके पक्ष या उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर कोई संदेह है तो उचित प्रक्रिया के तहत जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने अपनी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।
## संपत्ति और आय को लेकर उठे सवालों पर दिया जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेखा आर्य ने अपने राजनीतिक जीवन और संपत्ति से संबंधित आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति की शुरुआत वर्ष 2003 में निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य के रूप में हुई थी। इसके बाद वह विधानसभा चुनावों के जरिए लगातार राजनीतिक जीवन में आगे बढ़ती रहीं।
उन्होंने दावा किया कि चुनावी नामांकन और आय से संबंधित विवरणों में उन्होंने आवश्यक सूचनाएं दी हैं। वर्ष 2012, 2014 और 2022 के चुनावी विवरणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी आय और संपत्ति से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक दायरे में है। उन्होंने अपनी आयकर विवरणी यानी आईटीआर का भी हवाला दिया।
रेखा आर्य ने कहा कि यदि उनकी संपत्ति या आय को लेकर किसी को कोई संदेह है तो उसकी जांच कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और वह जांच के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वालों को अपनी बातों को प्रमाणित करना चाहिए।
## पहली शादी की जानकारी विवाह के बाद मिलने का दावा
रेखा आर्य ने अपने पति की पूर्व शादी से जुड़े सवाल पर कहा कि जब उनका विवाह हुआ था, तब उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके पति पहले से शादीशुदा हैं। उनके अनुसार, बच्चों के जन्म के बाद उन्हें इस संबंध में जानकारी मिली थी। इसके बाद परिवार के लोगों ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया और बच्चों को ध्यान में रखते हुए परिवार को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने इस विषय पर अपने पूर्व के रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार से जुड़े घटनाक्रम में उनके पति ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी। रेखा आर्य के मुताबिक, माफी मांगे जाने के बाद उन्होंने उस मामले को आगे नहीं बढ़ाया। हालांकि, उन्होंने कहा कि उस घटनाक्रम के बाद उन्हें और उनकी बेटी को लेकर भी कई टिप्पणियां की गईं और उन्हें विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
मंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार कर लेता है और माफी मांगता है तो हर बार उस विषय को दोबारा तूल देना जरूरी नहीं होता। उन्होंने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा था और माफी मांगे जाने के बाद उनकी ओर से उस मामले पर आगे टिप्पणी करने का कोई औचित्य नहीं रह गया था।
## रिंकू को लेकर पूछे गए सवाल पर क्या बोलीं मंत्री?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑडियो में कथित तौर पर रिंकू का जिक्र होने को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर रेखा आर्य ने कहा कि रिंकू उनके पति के पुत्र हैं। उन्होंने कहा कि उनके बीच संबंधों की वर्तमान स्थिति के बारे में संबंधित व्यक्ति ही बेहतर बता सकते हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि रिंकू के साथ उनका कोई विशेष संवाद नहीं होता, इसलिए इस संबंध में वह कोई निश्चित टिप्पणी नहीं करना चाहतीं।
## गोलज्यू की कसम खाकर ऑडियो को बताया 100 प्रतिशत असली
वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच रेखा आर्य ने कहा कि ऑडियो पूरी तरह असली है और उसमें किसी प्रकार की बनावट या मिलावट नहीं है। उन्होंने गोलज्यू की कसम खाकर कहा कि उनके द्वारा सार्वजनिक किए गए ऑडियो में कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
हालांकि, ऑडियो की वास्तविकता, उसमें मौजूद आवाजों और बातचीत के संदर्भ की अंतिम पुष्टि जांच के जरिए ही हो सकेगी। रेखा आर्य ने अपनी ओर से ऑडियो को प्रामाणिक बताते हुए पुलिस पर भरोसा जताया और कहा कि जांच के बाद सच्चाई सार्वजनिक होनी चाहिए।
## समर्थकों और विरोधियों का जताया आभार
रेखा आर्य ने कहा कि घटनाक्रम सामने आने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे और मातृशक्ति ने उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों, विपक्षी नेताओं और आम जनता का समर्थन के लिए आभार जताया।
उन्होंने कहा कि उनके साथ वर्षों से काम कर रहे पत्रकार उनकी कार्यशैली और विभागीय गतिविधियों से परिचित हैं। यदि इसके बावजूद किसी को कोई संदेह है तो वह जांच के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वह गलत पाई जाती हैं तो उसके अनुसार निर्णय होना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम में रेखा आर्य ने अपने पति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर, आरोपों से संबंधित सभी तथ्यों, वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता और दोनों पक्षों के दावों का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
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## रेखा आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा? पढ़िए उनका पूरा बयान
सबसे पहले तो मैं इस घटनाक्रम को इस ऑडियो के माध्यम से जनता के समक्ष लाई और जो कुछ भी मुझे उस समय महसूस हुआ वो अपने वीडियो में मैंने उस प्लेटफार्म पर कहा भी।
> मैं समझती हूँ कि उस ऑडियो को सुनने के उपरांत ऐसा कोई शेष नहीं रह जाता है कि कोई कार्यवाही ना की जाए।
> मैंने वो वीडियो इसलिए भी बनाई। हालांकि मैं अपने व्यक्तिगत जीवन को इन सब चीजों से काफी दूर रखती हूँ लेकिन उस वीडियो के माध्यम से कोशिश मैंने ये करी कि चाहे महिला साधारण हो, चाहे महिला आम हो, चाहे महिला किसी विशेष पद पर हो, यदि उसके साथ में कोई ऐसी अनहोनी, उसके साथ में ऐसा कोई घरेलू हिंसा होती हो तो आखिरकार उसको निर्णय लेना चाहिए और निर्णय जब लेना चाहिए तो उसे करके दिखाना चाहिए।
> महिलाएं कई बार अपनी पारिवारिक परिस्थितियां, अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा, समाज क्या कहेगा, लोग क्या कहेंगे, क्या होगा, ऐसे ना जाने कितनी बातों से उस अत्याचार को सहन करती हुई रहती है। मैं उनको यही दिखाना चाहती थी कि मेरे पास में भी बहुत कुछ ऐसा था।
> सत्ता में हूँ, सरकार में हूँ, तीन बार से विधायक हूँ, दो बार की मिनिस्टर हूँ, विभागों को देखती हूँ। इस घटना को उजागर करने के बाद ना जाने कितनी प्रकार की टीका-टिप्पणियां होंगी और मेरे व्यक्तिगत जीवन पर आक्षेप लगेंगे और फिर वही बात कि आखिरकार कोई सही समझेगा, कोई गलत समझेगा, कोई क्या समझेगा? इस सारी चीजों को दरकिनार करते हुए एक महिला को क्या करना चाहिए? अपने आत्मसम्मान के लिए।
> अपने ऑडियो को सुना होगा तो अपने बच्चों के लिए, अपने इस मायके ने जो कुछ भी मुझे दिया, यहाँ तक पहुँचाया, जो संस्कार दिए, वो भी प्रतिलक्षित होना चाहिए था। तो इसलिए मैंने उनको ये message दिया कि आप घर में बैठकर जो अत्याचार आप सहन कर रही हैं, वो सहना नहीं है बल्कि उसे कहना है और जब हम कहेंगे तभी इस प्रकार के अत्याचार जो हैं वो रुकेंगे।
> जब उनको उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा तो स्वाभाविक रूप से और लोग सीखेंगे, समझेंगे। समाज क्या कहता है इसकी चिंता करने के बजाय यदि हम सही हैं, हमारी नियत सही है, हमारी बातों में सच्चाई है, हमारे कर्तव्यों में ईमानदारी से निर्वहन है तो निर्भय होकर काम करें और जिस सरकार में मैं हूँ, जो सरकार के हिस्से में हूँ, वो सरकार तो और भी महिलाओं के सपोर्ट में खड़ी है कि महिला के साथ कुछ हो जाए तो तुरंत FIR दर्ज हो।
> मैं स्वयं, मेरे पास महिलाएं अपनी कभी किसी प्रकार की पीड़ा लेकर आती हैं तो उनको भी मैं इसी प्रकार से उनको सुझाव देती हूँ, सलाह देती हूँ, उनको बताती हूँ। तो जब मुझ पर बीती तो मुझे क्या करना चाहिए था? तो वो मैंने अपना निर्णय किया जो आप लोगों के समक्ष है।
> तो मैं यही कहूँगी कि FIR दर्ज है और निश्चित रूप से उस FIR पर उत्तराखंड की पुलिस जैसे एक सामान्य महिला के लिए निष्पक्ष तरीके से जाँच करते हुए उसको न्याय दिलाती है, ठीक उसी प्रकार से मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे उत्तराखंड की पुलिस जो है वो अपनी जो मैंने तहरीर दी है उसमें भी पूरी मजबूती के साथ मुझे न्याय दिलाने का काम करेगी।
> देखिए मैंने अपनी तहरीर में ये बात कही थी कि अवैध संबंधों के चलते एक व्यावहारिक परिवर्तन हम बराबर अपने जीवन में देख रहे थे, वो व्यावहारिक परिवर्तन हमें जातिसूचक शब्दों के माध्यम से कहा जाना, बाहर करना, वो व्यावहारिक परिवर्तन हमारे सहयोगियों को धमकाना, इस रूप में दिखाई पड़ रहा था और जब इस रूप में दिखाई पड़ रहा था तो निश्चित रूप से मेरे मन में ये बात उठ रही थी कि आखिरकार ये सारी चीजें क्यों हो रही थीं? जब कुछ परीक्षण कराया तो ये ऑडियो सामने आई।
> जब ऑडियो सामने आई तो उससे निश्चित रूप से मेरी भी और सबकी आँखें खुलनी चाहिए कि आखिरकार किस प्रकार का एक व्यक्तित्व है जो अपनी पत्नी को, जिसके साथ बाईस-तेईस साल जिसने अपनी पूरी ईमानदारी से पूरे समर्पण से अपना सब कुछ समर्पित किया, उसको किस प्रकार से उसका संबोधन किया जा रहा है, किस प्रकार से उसे मारने के लिए सामने वाले को सपोर्ट किया जा रहा है? ये सब कुछ जब आया तो मुझे लगा कि आप सब को भी पता होना चाहिए तो वो मैंने किया।
> और रही बात आरोप-प्रत्यारोप की तो मैं सबसे पहले तो यही कहूँगी कि मेरा पूरा जीवन यदि राजनीतिक जीवन में, 2003 में जिला पंचायत सदस्य निर्दलीय बनी थी, 2003 में मुझे मेरे मायके वालों ने ही मुझे जिला पंचायत सदस्य बनाया, वहाँ से मेरी राजनीति की शुरुआत हुई फिर उसके बाद में विधानसभा का चुनाव हुआ फिर लगातार वो क्रम जो है आगे बढ़ता ही चला गया।
> मैं समझती हूँ कि जिस तरीके के आरोप-प्रत्यारोप हैं तो जिला पंचायत सदस्य के रूप में भी मैंने अपनी, क्योंकि हम अपना नॉमिनेशन कराते हैं उसमें सारी सूचनाएं भरते हैं, 2012 में भी मैंने अपनी सारी सूचनाएं भरी हैं, आय के विवरण में सब सूचनाएं देनी पड़ती हैं, 2014 में भी मैंने अपना विवरण सब सूचना दी है, 2022 में भी दी है तो मुझे ऐसा लगता है कि मेरा तो सब कुछ पब्लिक डोमेन में है, मेरा ऐसा कुछ भी नहीं है कि जो छिपा हुआ हो।
> मेरी कार्यशैली से आप सब लोग बहुत ठीक प्रकार से विदित हैं और यदि ये सब कुछ था तो मेरी तहरीर से पहले सब कुछ कह देना चाहिए था। सब बातों को सुनते हैं तो हम ये भी देखते हैं यदि तहरीर वापस ले ली जाए तो सब चीजें हम बहुत ईमानदार हो जाते हैं, तहरीर वापस ना लें तो सारे आरोप अपनी जगह पर जुड़े हुए हैं तो ये आप उन लोगों को यदि सुनेंगे तो ये अपने आप में स्थिति स्पष्ट है।
> मैंने जैसे बताया था कि तहरीर में इस बात का मैंने उल्लेख कर दिया था कि मुझे इस बात की कोई जानकारी पूर्व में नहीं थी कि आप शादीशुदा हैं, ये सारी बातों की जानकारी शादी होने के उपरांत, बच्चे होने के उपरांत जो है इन बातों की जानकारी प्राप्त हुई और उसके बाद में पारिवारिक समझाने-बुझाने और बच्चों को देखते हुए ये निर्णय हुआ कि ठीक है आगे बढ़ते हैं।
> रही बात आपने कहा कि ये घटना या वो घटना आपने उस पर कुछ नहीं कहा। मैं इसमें इतना ही कहूँगी कि बिहार घटनाक्रम में उन्होंने माफी मांग ली थी, ये सबके सामने था। यदि वो माफी नहीं मांगते और उसके बाद मेरा नहीं बोलना होता तो मैं निश्चित रूप से उसकी अपराधी थी लेकिन जब उन्होंने माफी मांग ली तो मैं समझती हूँ कि वो विषय वहीं पर समाप्त होना चाहिए था।
> उसके बावजूद भी आपको ये भी बता दूँ, बिहार की घटनाक्रम के बाद में मैंने स्वयं, मेरी बेटी के लिए, स्वयं मेरे लिए कितनी बातें कही गई, कितना कुछ कहा गया, कितनी बातें मेरी बेटी को offer… तो मैं समझती हूँ कि ऐसा नहीं कि उन्होंने कहा था हमने भी नहीं झेला, हमने भी बहुत प्रकार की चीजें जो हैं वो सामना किया लेकिन चूँकि इंसान गलती कर चुका, गलती को लेकिन स्वीकार कर लिया, अब जो स्वीकार कर लिया तो उसके बाद में मुझे लगता है कि क्या हमें तूल देना चाहिए तो मैंने अपनी ओर से क्रिया-प्रतिक्रिया में उनसे माफी मांगने के लिए सार्वजनिक रूप से कहने के लिए उनसे कहा, उन्होंने किया। तो इस तरह से मेरी टिप्पणी का फिर उसके बाद से कोई औचित्य नहीं बनता था।
> मैं तो बहुत धन्यवाद कहूँगी, अभी आपने स्वीकार किया, यहाँ मेरे से हजारों की संख्या में लोग मिलने आए, हर मातृशक्ति ने मेरा मनोबल बढ़ाया। मैं अपनी पार्टी का भी, अपने विपक्षी साथियों का भी, आम जन का भी मैं बहुत धन्यवाद करती हूँ उनके इस सहयोग के लिए।
> रही बात जिन्होंने जो कहा तो मैं समझती हूँ कि सिद्ध तो उन्होंने ही करना है। और बाकी मैं अपने आप में एक खुली किताब हूँ, मेरी आय खुली किताब है, मुझे भविष्य में चुनाव लड़ना है वो भी एक खुली किताब है, ITR अपने आप में सब कुछ कहती है तो मैं समझती हूँ कि सब चीज transparent है, कुछ भी छिपा हुआ नहीं है और उसके बाद में भी कुछ ऐसा लगता है तो मुझे लगता है कि मेरी सरकार पूरी पारदर्शी व्यवस्था में काम करती है, जिस तरह से भी लगता है कि आपको संतुष्ट होना है उस तरीके की जाँच कराए, उस तरीके से जाँच कराने के बाद में दूध का दूध, पानी का पानी करें।
> कह रहे हैं कि भाई आप तहरीर वापस लो, ऐसा भी तो कह रहे हैं तो साहू जी जब कह रहे हैं कि तहरीर वापस लो तो फिर वो सारे आरोप खत्म हो जाएंगे, तहरीर वापस नहीं लूँगी तो सारे आरोप… तो ये अपने आप में साफ होता है कि वो क्या, किस intention से सब चीजें कह रहे हैं।
> और बाकी मैं समझती हूँ कि आप सब लोग तो मेरे साथ में 10 साल का सफर मेरे साथ करके हो, आप लोग ना सभी तो भाई लोग मेरे साथ 10 साल से मेरे साथ काम कर रहे हो, सभी मेरे विभाग से संबंधित आप मेरे से वार्तालाप करते हो, आपसे ज्यादा और किसको पता है कि क्या पारदर्शी व्यवस्था है, क्या चीजें हैं? तो मैं समझती हूँ कि अब मेरे इस तहरीर के बाद आपको अपने आप में स्पष्ट हो जाना चाहिए, सारे आरोप शत-प्रतिशत जो हैं वो निराधार हैं, फिर भी आप लोगों को ऐसा कुछ लगता हो तो मैं समझती हूँ कि सब चीजों की एक प्रक्रिया होती है, वो होती है जाँच करा लें और कराने के बाद में पब्लिक करें और मैं समझती हूँ कि यदि मैं गलत पाई जाऊँगी तो जैसा आप लोगों का कहना होगा वैसा निर्णय हो जाएगा।
> पता नहीं मुझे तो ध्यान नहीं, मैंने ऐसा कुछ कहा है लेकिन मैं समझती हूँ कि जो वीडियो, जो ऑडियो आई है वो ऑडियो अपने आप में… हाँ एक ये भी बात आई कि मैं कसम खाऊँ करके ऐसी भी कुछ बात आई थी तो मैं कसम खा रही हूँ, हालांकि हमारे इष्ट देव हैं, उनके हैं या नहीं हैं मुझे नहीं मालूम लेकिन हम सबके इष्ट देव हैं, हमारे लिए उनकी कसम खाना सत्यता पर यानी कि पत्थर की लकीर होना है। तो मैं गोलज्यू की कसम खा के कहती हूँ कि जो ऑडियो मैंने प्ले किया वो 100% सत्य है, उसमें कोई बनावट नहीं है, कोई मिलावट नहीं है, वो पूरी तरीके से original है।
> रिंकू उनके सुपुत्र हैं और क्या दुश्मन हो चुके हैं, क्या दुश्मन नहीं हो चुके हैं, ये बात की जानकारी वो ज्यादा बेहतर रखते हैं क्योंकि वो उस ऑडियो में ऐसा बोल रहे हैं। जबकि मेरा ऐसा कोई specific संवाद जो है नहीं होता है, इसलिए तो वही बेहतर बता पाएंगे।
> देखिए मैंने अपनी तहरीर में ये बात कही थी कि जब मेरा विवाह हुआ तब तक मैं इस बात की कोई जानकारी नहीं रखती थी कि आप पहले से शादीशुदा हैं। मैंने अपनी तहरीर में कही थी कि जब हमारे बच्चे हुए उसके उपरांत मुझे इस बात की जानकारी प्राप्त हुई और उसके बाद में पारिवारिक समझाने-बुझाने के क्रम में फिर चीजें आगे बढ़ी।