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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड हाईकोर्ट का अहम आदेश: विवाह से प्राप्त जाति प्रमाण पत्र पर नहीं मिलेगा आरक्षण

उत्तराखंड हाईकोर्ट का अहम आदेश: विवाह से प्राप्त जाति प्रमाण पत्र पर नहीं मिलेगा आरक्ष

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल विवाह के आधार पर किसी अन्य राज्य से प्राप्त जाति प्रमाण पत्र के आधार पर आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।

मामले में याचिकाकर्ता, जो जन्म से अनुसूचित जाति वर्ग से हैं और उत्तर प्रदेश की निवासी हैं, ने दावा किया था कि उत्तराखंड में विवाह के बाद उन्हें जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र मिला है, इसलिए उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। याचिकाकर्ता ने 28 अक्टूबर 2024 को जारी राज्य सरकार के शासनादेश को चुनौती दी थी, जिसमें सहायक अध्यापक भर्ती में 16 फरवरी 2004 के नियमों के तहत ही आरक्षण देने की बात कही गई थी।

राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि इस प्रकार के मामले पहले भी विचाराधीन रहे हैं और उन पर स्पष्ट निर्णय हो चुका है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने राज्य सरकार के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि वर्तमान याचिका भी पहले के निर्णय के आधार पर निस्तारित की जाती है।

कोर्ट के इस आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण का लाभ केवल स्थायी रूप से उत्तराखंड के निवासी होने पर ही मिलेगा, न कि विवाह के आधार पर प्रमाण पत्र प्राप्त करने पर।

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