अपराध
हल्द्वानी : “हाथ में ओपीडी पर्ची, जमीन पर पड़ी लाश: इलाज से पहले ही दम तोड़ गया सिस्टम”
“इलाज से पहले मौत: अस्पताल के गेट पर गिरा मरीज, सिस्टम और समाज दोनों रहे नाकाम”
हल्द्वानी का बेस अस्पताल शुक्रवार को उस कड़वी सच्चाई का गवाह बना, जहां एक बीमार व्यक्ति इलाज तक पहुंचने से पहले ही दम तोड़ गया। यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि बदहाल व्यवस्था और खत्म होती संवेदनाओं की तस्वीर बनकर सामने आई है।
सुबह का वक्त था, अस्पताल में रोज की तरह भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी बीच एक अधेड़ व्यक्ति ओपीडी पर्चा लिए अस्पताल पहुंचा, लेकिन डॉक्टर तक पहुंचने से पहले ही वह गेट के पास जमीन पर गिर पड़ा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वह लंबे समय तक वहीं पड़ा रहा—लोग आते-जाते रहे, नजरें उस पर पड़ीं, लेकिन कदम आगे नहीं बढ़े। भीड़ में मौजूद किसी भी शख्स ने न उसे उठाने की कोशिश की, न ही तत्काल मदद के लिए पहल की।
वक्त बीतता गया और एक जिंदगी धीरे-धीरे खत्म होती रही।
इसी दौरान वहां से गुजर रहे पार्षद और समाजसेवी प्रेम बेलवाल की नजर जब उस पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत स्थिति को समझा। बिना देर किए उन्होंने अस्पताल स्टाफ को सूचना दी और व्हीलचेयर की मदद से उसे इमरजेंसी तक पहुंचाया।
लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना ने अस्पताल की जमीनी हकीकत उजागर कर दी है। ओपीडी के बाहर मरीजों के लिए बैठने की कोई व्यवस्था नहीं, धूप से बचाव के नाम पर केवल टीन की छत, और भीड़ को संभालने के लिए न पर्याप्त स्टाफ न सिस्टम।
अस्पताल परिसर में अव्यवस्थित पार्किंग हालात को और बिगाड़ती है। सुरक्षा कर्मी मौजूद होने के बावजूद व्यवस्था बनाने में नाकाम नजर आते हैं।
अस्पताल प्रशासन ने औपचारिक बयान देते हुए कहा कि मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस भी शिनाख्त में जुटी है।