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अपराध

“कहां गिराने हैं आलू?” पूछता था विक्रांत कश्यप, पाकिस्तान से मिलता था ‘वेट’ का जवाब; दून से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी का चौंकाने वाला खुलासा

“कहां गिराने हैं आलू?” पूछता था विक्रांत कश्यप, पाकिस्तान से मिलता था ‘वेट’ का जवाब; दून से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी का चौंकाने वाला खुलासा

देहरादून के झाझरा क्षेत्र से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी विक्रांत कश्यप की पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, विक्रांत पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से कोड वर्ड में बातचीत करता था। वह बार-बार पूछता था—“कहां गिराने हैं आलू?”—जिस पर पाकिस्तान से जवाब आता था, “अभी वेट करो।”

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि “आलू गिराने” जैसे शब्दों का इस्तेमाल हैंड ग्रेनेड हमलों के लिए किया जाता था। यानी आरोपी को हमले के लिए निर्देश दिए जा रहे थे, लेकिन अंतिम आदेश का इंतजार कराया जा रहा था।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, विक्रांत कश्यप पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन अल बद्र ब्रिगेड से जुड़े आतंकी शहजाद भट्टी के संपर्क में था। दोनों के बीच इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए लगातार बातचीत हो रही थी। इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों ने पंजाब में हैंड ग्रेनेड से हमले किए थे। एक पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड की हत्या के तार भी इसी गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विक्रांत किस स्तर तक इस नेटवर्क में शामिल था और उसे उत्तराखंड से बाहर किन-किन राज्यों में हमलों के लिए इस्तेमाल किया जाना था। उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई संदिग्ध चैट और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है।

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि विक्रांत को दिल्ली में एक बड़ी महिला अधिवक्ता को निशाना बनाने का टास्क दिया गया था। इसके लिए उसे पाकिस्तान स्थित हैंडलर की ओर से विदेश में बनी एक पिस्टल उपलब्ध कराई गई थी। यही पिस्टल उसके पास से बरामद हुई है। आरोपी को दिल्ली में एक संगठन के कार्यकर्ताओं पर हैंड ग्रेनेड से हमला करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी।

एसटीएफ के अनुसार, आरोपी को हिंदू आस्था से जुड़े कुछ स्थानों की रेकी करने और उन्हें निशाना बनाने के निर्देश भी मिले थे। इन सभी कामों के बदले उसे नेपाल के रास्ते दुबई भेजने, वहां बसाने और मोटी रकम देने का लालच दिया गया था।

विक्रांत कश्यप के पास से एक पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, स्प्रे पेंट कैन और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। एजेंसियों का मानना है कि समय रहते गिरफ्तारी नहीं होती तो वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकता था।

फिलहाल विक्रांत के खिलाफ प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसटीएफ अब उसके अन्य साथियों और संपर्कों की तलाश में जुटी है। जांच का दायरा उत्तराखंड से बाहर दूसरे राज्यों तक बढ़ा दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं।

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