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उत्तराखण्ड

हरदा के बयान से उत्तराखंड की सियासत में फिर गरमाया डेनिस का मुद्दा—सुबोध उनियाल पर साधा निशाना

हरदा के बयान से उत्तराखंड की सियासत में फिर गरमाया डेनिस का मुद्दा—सुबोध उनियाल पर साधा निशाना

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में शराब नीति और डेनिस ब्रांड को लेकर पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं मंत्री सुबोध उनियाल के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने हरीश रावत को ‘डेनिस रावत’ कहे जाने का जिक्र किया था। हरीश रावत ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से इस पूरे मुद्दे को उत्तराखंड की फल-सब्जी आधारित शराब नीति से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

 

हरीश रावत ने कहा कि उन्हें ‘डेनिस रावत’ कहे जाने पर कोई ऐतराज नहीं है। उन्होंने अपने कार्यकाल की उस नीति का हवाला दिया, जिसके तहत शराब निर्माताओं को उत्तराखंड के फल और सब्जियों का इस्तेमाल कर शराब तैयार करने पर कुल शराब के 20 प्रतिशत तक मार्केटिंग राइट दिए जाने की व्यवस्था की गई थी। रावत के मुताबिक, इसके लिए निर्माताओं को मंडियों से फल-सब्जी खरीद की रसीदें प्रस्तुत करनी होती थीं और आबकारी विभाग उनकी जांच करता था। इसके बाद नीति के अनुरूप उन्हें बाजार में शराब बेचने की प्राथमिकता दी जाती थी।

 

रावत ने कहा कि यदि यह नीति अंतिम स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू हो पाती तो उत्तराखंड का हॉर्टिकल्चर और फल-सब्जी उत्पादन आज कहीं आगे होता। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि यह व्यवस्था पूरी तरह क्रियान्वित नहीं हो सकी।

 

 

 

इसके बाद हरीश रावत ने मौजूदा सरकार और मंत्री सुबोध उनियाल पर राजनीतिक तंज कसते हुए कहा कि डेनिस आज भी बाजार में मौजूद है और सेना की कैंटीनों में भी इसकी उपलब्धता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उन्हें ‘डेनिस रावत’ कहा जाता है तो फिर मौजूदा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को क्या कहा जाएगा।

 

 

 

रावत ने अपने बयान में हिलटॉप, गुलाब, काफल और माल्टा जैसे उत्तराखंड के फलों के नाम पर तैयार किए जा रहे शराब ब्रांडों का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि इन सभी के ‘अंकल’ धामी जी हो जाएंगे तो काम नहीं चलेगा, कुछ के ‘अंकल’ सुबोध उनियाल भी बन जाएं।

 

रावत ने व्यंग्य करते हुए सुबोध उनियाल को ‘हिलटॉप का अंकल’ बनने की सलाह दी और नरेंद्रनगर से आगे गंगा के ऊपर हिलटॉप की फैक्ट्री का जिक्र करते हुए इसे मौजूदा सरकार की राज्य को ‘देन’ बताया।

 

 

 

डेनिस का जिन फिर बाहर निकला

 

हरीश रावत के इस बयान ने उत्तराखंड की राजनीति में डेनिस शराब ब्रांड से जुड़े पुराने विवाद को फिर हवा दे दी है। खास तौर पर 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच शराब नीति, स्थानीय फल-सब्जियों के इस्तेमाल और सरकार की आबकारी नीति को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। रावत ने जिस अंदाज में ‘डेनिस रावत’ के तंज का जवाब देते हुए मौजूदा शराब ब्रांडों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा फिर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकता है।

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