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Char Dham Yatra: श्रद्धालुओं की डेली लिमिट है कि नहीं? CM धामी और पर्यटन मंत्री के बयानों से बढ़ी असमंजस

देहरादून. चार धाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार अपने बयानों में आपस में ही उलझती दिख रही है. पहले हर धाम की क्षमता अनुसार तय किया गया कि हर रोज़ कितने श्रद्धालुओं को किस धाम में अनुमति दी जाएगी. इस डेली लिमिट पर कथित तौर पर तीर्थ पुरोहितों के एक गुट ने जब नाराज़गी ज़ाहिर कर दी, तो गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कह दिया कि ऐसा कुछ तय नहीं किया गया, लेकिन एक दिन बाद ही पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने फिर कहा कि डेली लिमिट फिक्स है.

मामला यह है कि 29 नवंबर को राज्य सरकार की एक मीटिंग के बाद कहा गया कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में क्रमश: 15000, 12000, 7000 और 4000 श्रद्धालुओं को हर दिन दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी. वास्तव में, यह निर्णय धाम की क्षमता के लिहाज़ से लिया गया ताकि भीड़ बेतहाशा बढ़ने से होने वाली अव्यवस्थाओं को टाला जा सके. लेकिन चार धाम यात्रा के 3 मई को शुरू होने से पहले ही कुछ पुरोहितों ने इसे लेकर असंतोष जताया.

सीएम धामी बनाम सतपाल महाराज
3 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के पट खुलने के मौके पर पहुंचे धामी ने मीडिया से बातचीत में कह दिया कि ऐसा कुछ तय नहीं किया गया है और श्रद्धालुओं की संख्या कैसी रहेगी, इस पर आगे तय किया जाएगा. इस बयान से सरकारी आदेश को लेकर असमंजस बनी, तो कैबिनेट के साथ ही नौकरशाहों से भी सवाल किए जाने लगे. ऐसे ही सवालों के जवाब में 4 मई को राज्य के पर्यटन व धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने एक बयान दिया.

चारों धामों की केयरिंग कैपेसिटी के अनुसार ही 38,000 श्रद्धालुओं की डेली लिमिट तय की गई है. इस बारे में मंदिर समितियों से भी बातचीत की गई है और उनका कहना है कि सुविधाओं को श्रद्धालुओं के लिए बढ़ाया जाएगा ताकि आने वाले समय में और अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें. मुझे जो जानकारी मिली है, अब हम भीड़ को और नियंत्रित करने की कोशिश करेंगे ताकि रास्तों में फंसने या भगदड़ जैसी स्थितियां न हों.’

क्या है सरकारी आदेश पर असमंजस
सीएम धामी और उसके अगले दिन सतपाल महाराज के बयान आने के बाद फ़िलहाल यह साफ है कि डेली लिमिट का आदेश लागू है. लेकिन इधर, ब्यूरोक्रैसी में असमंजस बरकरार है. एक रिपोर्ट की मानें तो संस्कृति विभाग के सचिव हरिचंद सेमवाल ने कहा, ‘मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के साथ बातचीत की जाएगी. डेली लिमिट तय की गई है और अगर इसमें कोई संशोधन करना है, तो सीएम और सीएस के निर्देश पर ही किया जाएगा.’

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