अपराध
पैरों तले जमीन खिसकी तो आयुक्त के दरबार में मिला न्याय… धोखाधड़ी मिली तो आरोपी के खिलाफ होगी fir भी
**जमीन की धोखाधड़ी पर सख्त रुख, मामला सही मिला तो लैंड फ्रॉड एक्ट में दर्ज होगी एफआईआर**
**हल्द्वानी, 17 अक्टूबर।** आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान भूमि विवादों को गंभीरता से लेते हुए लोगों को जमीन खरीदने के बाद जल्द चारदीवारी और भवन निर्माण कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने के बाद वर्षों तक उसे खाली छोड़ देने से भविष्य में विवाद और अनावश्यक परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। जनसुनवाई में सामने आए एक मामले में उन्होंने प्लॉट विक्रेता को तीन दिन के भीतर खरीदार को प्लॉट वापस दिलाने के निर्देश दिए। जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित भू-स्वामी के खिलाफ लैंड फ्रॉड एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी।
जनसुनवाई में भूमि विवाद, पारिवारिक मामले, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में संशोधन, सड़क निर्माण और स्थायी परमिट से संबंधित शिकायतें सामने आईं। आयुक्त ने अधिकांश मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से निस्तारण कराया।
**नौ साल पहले खरीदा प्लॉट, निर्माण के लिए पहुंचीं तो पता चला जमीन किसी और की**
हल्द्वानी निवासी ममता मेहरा ने वर्ष 2015 में फतेहपुर स्थित चारधाम मंदिर क्षेत्र में करीब 2,000 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा था। उन्होंने प्लॉट की चारदीवारी भी कराई थी। वर्ष 2024 में जब वह भवन निर्माण कराने पहुंचीं तो पता चला कि संबंधित प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति का है। जांच में सामने आया कि विक्रेता अनिकेत भट्ट ने क्षेत्र में प्लॉटिंग कर सभी प्लॉट बेच दिए थे। यहां तक कि कॉलोनी की सड़क भी बेच दी गई थी और उपलब्ध जमीन शेष नहीं बची थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने क्रेता ममता मेहरा और विक्रेता अनिकेत भट्ट को कार्यालय में तलब किया। दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद उन्होंने तीन दिन के भीतर ममता मेहरा को प्लॉट दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि जांच में धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर संबंधित भू-स्वामी के खिलाफ लैंड फ्रॉड एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।
**गौलापार के विजयपुर गांव की सड़क का काम शुरू कराने के निर्देश**
गौलापार के ग्राम विजयपुर में सूखी नदी पर काजवे के साथ करीब दो किलोमीटर सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन बिष्ट और ग्रामीणों ने जनसुनवाई में बताया कि लोक निर्माण विभाग ने सड़क का काम शुरू किया था, लेकिन वन विभाग की आपत्तियों के चलते निर्माण बाधित हो गया।
आयुक्त ने लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को तलब कर मामले की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए वन विभाग को दी जाने वाली धनराशि लंबित है। इस पर आयुक्त ने शासन स्तर पर धनराशि उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजने और सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय के अभाव में ग्रामीणों को सड़क सुविधा से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
**गड्ढामुक्त सड़कों की हकीकत जांचेंगे एसडीएम, लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी**
सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के दावों के बीच आयुक्त दीपक रावत ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को खुद मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्राउंड जीरो पर जाकर जांचें कि सड़कों पर वास्तव में काम हुआ है या नहीं। निरीक्षण के बाद उन्हें रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। यदि सड़कें गड्ढामुक्त नहीं मिलीं या निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंताओं ने बताया कि हल्द्वानी और अल्मोड़ा क्षेत्र में विभाग की लगभग 90 प्रतिशत सड़कें गड्ढामुक्त हो चुकी हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत 53 प्रतिशत, काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में 100 प्रतिशत, राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत 90 प्रतिशत और उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडी) के तहत 82 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। हल्द्वानी-नैनीताल सड़क और काशीपुर-रामनगर मार्ग पर भी काम जारी बताया गया।
आयुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल कागजों में काम पूरा दिखाना पर्याप्त नहीं होगा। स्थलीय निरीक्षण में सड़क की स्थिति और निर्माण की गुणवत्ता के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जाएगी।
**प्रमाण पत्र में संशोधन से लेकर बस परमिट तक के मामले सुने**
जनसुनवाई में रोहित पांडे ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम की त्रुटि सुधारने का अनुरोध किया। जगदंबा कॉलोनी के निवासियों ने क्षेत्र में विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने की मांग रखी। वहीं, राजेंद्र प्रसाद लखचौरा ने बस का स्थायी परमिट जारी करने का अनुरोध किया। इस पर आयुक्त ने आरटीओ हल्द्वानी को मामले की जांच कर नियमानुसार स्थायी परमिट देने के निर्देश दिए।
आयुक्त ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई करें, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।