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अपराध

आखिर कौन है कल्पना, जिसे लेकर पप्पू गिरधारी और रेखा आर्य के बीच ठन गई? पुराने मुकदमे से वायरल ऑडियो तक, कहानी में आया नया मोड़

 

 

**कभी रेखा आर्य ने कल्पना को लेकर कराई थी शिकायत, अब वायरल ऑडियो में भी इसी महिला की आवाज होने का दावा; बरेली से देहरादून तक चर्चा**

 

**देहरादून/बरेली।** उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच विवाद ने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा है। मंत्री की ओर से वायरल किए गए कथित ऑडियो और उसके बाद गिरधारी लाल साहू के पलटवार के बीच एक नाम ऐसा है, जो इस पूरी कहानी में बार-बार सामने आ रहा है। यह नाम है कल्पना मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी का। आखिर कल्पना कौन हैं? उनका पप्पू गिरधारी से क्या संबंध रहा है और वह रेखा आर्य से जुड़े विवाद में बार-बार क्यों चर्चा में आ रही हैं? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए बरेली में दर्ज पुराने मुकदमे से लेकर हालिया वायरल ऑडियो तक की कहानी को समझना जरूरी है।

 

**कौन हैं कल्पना मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी?**

 

कल्पना  मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी बरेली में पप्पू गिरधारी की कंस्ट्रक्शन कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख था कि वह गिरधारी लाल साहू के परिवार के करीबी संपर्क में थीं। कल्पना ने पुलिस पूछताछ में खुद को परिवार के सदस्य की तरह रहने वाली और पप्पू गिरधारी की कंपनी में काम करने वाली महिला बताया था।

 

उस समय विवाद तब सामने आया, जब कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने आरोप लगाया कि कल्पना ने अपने निजी दस्तावेजों में उनके पति गिरधारी लाल साहू का नाम पति के रूप में और बरेली स्थित आवास का पता दर्ज कराया है। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि कल्पना सरकारी पहचान का प्रभाव दिखाने के लिए हूटर और लालबत्ती लगी गाड़ी का इस्तेमाल कर रही थीं। इन आरोपों के आधार पर बरेली के बारादरी थाने में कल्पना और उनकी मौसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। ये उस समय लगाए गए आरोप थे, जिनकी सत्यता का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।

 

**रेखा आर्य की शिकायत से शुरू हुआ था पुराना विवाद**

 

इस प्रकरण का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि। वर्ष 2024 में कल्पना से जुड़े मामले को लेकर शिकायत रेखा आर्य की ओर से की गई थी। मंत्री ने अपने पति के नाम और आवास का कथित तौर पर निजी दस्तावेजों में इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसी मामले ने रेखा आर्य, गिरधारी लाल साहू और कल्पना के बीच संबंधों को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया था।

 

यह भी बताया गया था कि कल्पना ने पुलिस पूछताछ में चोरी और धोखाधड़ी के आरोपों को गलत बताया था। उनका कहना था कि वह पप्पू गिरधारी की कंस्ट्रक्शन फर्म में मैनेजर थीं और परिवार के सदस्य की तरह रहती थीं। इसलिए उन्होंने दस्तावेजों में संबंधित पता दर्ज कराया था। इस तरह पुराने मामले में दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे सामने आए थे।

 

**अब फिर क्यों चर्चा में हैं कल्पना?**

 

अक्टूबर 2026 में रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद दोबारा सार्वजनिक हुआ। मंत्री ने सोशल मीडिया पर कथित ऑडियो साझा किए और अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए। इन ऑडियो में गिरधारी लाल साहू और एक महिला के बीच बातचीत होने का दावा किया गया है। बातचीत में मुकदमे, जमानत, पैसों और मंत्री को नुकसान पहुंचाने से संबंधित कथित बातें सामने आने की खबरें प्रकाशित हुई हैं।

 

इस ऑडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि दूसरी ओर सुनाई देने वाली महिला की आवाज कल्पना मिश्रा उर्फ कल्पना चतुर्वेदी की है। यही वजह है कि पुराने मामले में चर्चा में आई कल्पना का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि, ऑडियो में आवाज की पहचान और उसकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी महत्वपूर्ण है। केवल वायरल रिकॉर्डिंग के आधार पर किसी व्यक्ति की आवाज या उसमें कही गई बातों को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।

 

**पप्पू गिरधारी ने ऑडियो को बताया एआई से तैयार**

 

रेखा आर्य की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भी वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कथित ऑडियो को एआई से तैयार किया गया बताते हुए आरोपों को खारिज किया और मंत्री से पुलिस में दी गई शिकायत वापस लेने की मांग की। इस तरह दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

 

वहीं, मौजूदा प्रकरण में रेखा आर्य की शिकायत पर देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की खबर सामने आई है। मंत्री ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि गिरधारी लाल साहू ने ऑडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक परीक्षण से ही कथित ऑडियो की वास्तविकता तथा उसमें सुनाई देने वाली आवाज को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

**कल्पना से जुड़ा पुराना मामला भी जांच के दायरे में अहम**

 

इस पूरे घटनाक्रम में कल्पना का नाम इसलिए महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि वह वर्ष 2024 में रेखा आर्य की शिकायत से जुड़े मामले में चर्चा में आई थीं और अब वायरल ऑडियो में भी उनकी आवाज होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पुराने मामले और वर्तमान आरोपों के बीच संबंधों को स्थापित करने के लिए दस्तावेजों, शिकायतों और अन्य साक्ष्यों की जांच आवश्यक है।

 

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरल ऑडियो में वास्तव में किसकी आवाज है, उसमें कही गई बातों का संदर्भ क्या है और जांच में कौन से तथ्य सामने आते हैं। रेखा आर्य, गिरधारी लाल साहू और कल्पना से जुड़े इस घटनाक्रम में आगे की जांच ही कई सवालों के जवाब दे सकती है।

 

 

 

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