उत्तराखण्ड
जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, कहा—इनकी मुस्कान से अनमोल कोई उपहार नहीं
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जन्मदिन पर दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, कहा—इनकी मुस्कान से अनमोल कोई उपहार नहीं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर देहरादून स्थित राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान पहुंचकर दृष्टिबाधित बच्चों के साथ समय बिताया। जन्मदिन के मौके पर बच्चों के बीच बिताए ये पल मुख्यमंत्री के लिए भावुक और अविस्मरणीय रहे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ केक काटा और उनसे बातचीत कर उनकी पढ़ाई, रुचियों और सपनों के बारे में जाना। बच्चों की मासूम मुस्कान, आत्मविश्वास और अपनापन देखकर मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जन्मदिन पर इन बच्चों के साथ समय बिताने से बड़ा और अनमोल उपहार उनके लिए कुछ और नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांग बच्चे किसी भी मायने में प्रतिभा, साहस और सपनों में पीछे नहीं हैं। आवश्यकता केवल उन्हें आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग देने की है। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसे बच्चों की क्षमताओं को पहचानते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराया जाए।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद रहे। बच्चों के साथ मुख्यमंत्री का यह जन्मदिन कार्यक्रम सादगी और संवेदनशीलता का संदेश देता नजर आया।
राजनीतिक सफर से मुख्यमंत्री पद तक
पुष्कर सिंह धामी का जन्म 16 सितंबर 1975 को पिथौरागढ़ जिले के तुण्डी गांव में हुआ। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की और छात्र राजनीति के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में कदम रखा। इसके बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा में प्रदेश स्तर की जिम्मेदारियां संभालीं। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वे तत्कालीन मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के विशेष कार्याधिकारी भी रहे।
धामी वर्ष 2012 में पहली बार खटीमा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद 2017 में भी खटीमा से विधानसभा पहुंचे। जुलाई 2021 में उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा ने उन्हें फिर मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी। वर्तमान में वे चंपावत विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

