Connect with us

उत्तराखण्ड

नाराज फूफा और उनकी पार्टी के पास वास्तविक मुद्दे नहीं बचे’, धामी का विपक्ष पर तीखा हमला

 

बोले-‘छात्रों की गूंज’ नहीं, झूठ की गूंज है; शुद्धिकरण को जाति से जोड़ना भी बड़ा झूठ, उत्तराखंड की जमीन हरी घास नहीं कि कोई भी आए और चरकर चला जाए

देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में ‘शुद्धिकरण’, छात्रों के आंदोलन और जमीनों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि अब उनके पास वास्तविक मुद्दे बचे ही नहीं हैं। धामी ने तंज कसते हुए कहा कि ‘नाराज फूफा और उनकी पार्टी के पास वास्तविक मुद्दे बचे नहीं हैं और वास्तविक मुद्दे इसलिए नहीं बचे हैं क्योंकि हम जो कह रहे हैं, वो कर रहे हैं।’

 

 

 

मुख्यमंत्री ने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि इन दिनों जो ‘छात्रों की गूंज’ की बात की जा रही है, वह वास्तव में ‘झूठ की गूंज’ है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, एक छात्र ने ही विपक्ष के दावों का फैक्ट चेक कर दिया और उसमें 13-14 झूठ सामने निकल आए।

 

 

 

‘शुद्धिकरण को जाति से जोड़ना कितना बड़ा झूठ’

शुद्धिकरण को लेकर चल रही सियासी बहस पर मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि कल से एक नया शिगूफा शुरू किया गया है—शुद्धिकरण का। सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्धिकरण को जाति से क्यों जोड़ा जा रहा है।

धामी ने कहा कि शुद्धिकरण आखिर किस बात का हो रहा था? वहां जो जिहादी नारे लगे थे, उनके विरोध में हवन, शुद्धि यज्ञ किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस शुद्धि यज्ञ को करने वाले अनुसूचित वर्ग के लोग थे। इनमें वाल्मीकि समाज और शिल्पकार समाज के लोग भी शामिल थे।

 

 

 

उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने शुद्धि यज्ञ किया, उन्हीं पर जातिगत अपमान का आरोप लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे विपक्ष का ‘बहुत बड़ा झूठ’ करार दिया।

UIDB पर भी विपक्ष को घेरा, बोले-‘कहां जमीनें बेच दीं?’

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड डेवलपमेंट बोर्ड (UIDB) को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी विपक्ष को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब और गुजरात में जिस तरह की संस्थाएं काम कर रही हैं, उसी तर्ज पर उत्तराखंड में भी निवेश लाने, विकास को गति देने और रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से UIDB जैसी संस्था बनाई गई है।

धामी ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया, जिसमें जमीनें बेचने की बात कही जा रही है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा, ‘अरे, कहां जमीनें बेच दीं?’ मुख्यमंत्री ने कहा कि नियम-कायदों के अनुसार व्यवस्था बनाई जा रही है।

‘13 हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से खाली कराई’

मुख्यमंत्री ने सरकार की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 13 हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से खाली करवाई है, लेकिन विपक्ष इस पर कभी बात नहीं करता।

धामी ने आरोप लगाया कि हजारों एकड़ जमीन पर हरी चादर और नीली चादर डालकर कब्जा किया गया था और सरकार अब ऐसी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त करा रही है।

‘उत्तराखंड की जमीन हरी घास नहीं, कोई भी आए और चरकर चला जाए’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन को लेकर सरकार पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश की एक इंच जमीन भी बेकार नहीं होने दी जाएगी।

 

 

उन्होंने कहा, ‘उत्तराखंड की जमीन कोई हरी घास नहीं है कि कोई भी आएगा, चर के चला जाएगा।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जमीन का संरक्षण करते हुए प्रदेश में निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना है।

 

 

 

धामी ने कहा कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और निवेश लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि विकास, निवेश और रोजगार के नाम पर नियम-कायदों से समझौता नहीं किया जाएगा और प्रदेश की जमीन के हर इंच का उपयोग उत्तराखंड के हित में सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर ‘शुद्धिकरण’, ‘छात्रों की गूंज’, जमीन और निवेश के मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव तेज होने के आसार हैं।

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

Recent Posts

Facebook

Trending Posts