उत्तराखण्ड
बड़ी खबर : छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को मिलेगा 50% प्रतिनिधित्व, 29 सितंबर को हो सकते हैं चुनाव
छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को मिलेगा 50% प्रतिनिधित्व, 29 सितंबर को हो सकते हैं चुनाव
उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने अधिकारियों को तीन दिन में प्रस्ताव तैयार करने के दिए निर्देश; विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में चुनाव की तैयारियां तेज
देहरादून। प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाते हुए उन्हें 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने की दिशा में मौजूदा व्यवस्था में संशोधन के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रदेशभर में छात्रसंघ चुनाव की संभावित तारीख 29 सितंबर रखे जाने की बात सामने आई है।
उच्च शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में छात्रसंघ चुनाव समेत उच्च शिक्षा से जुड़े कई विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। इसके लिए अधिकारियों को तीन दिन के भीतर प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मंत्री ने प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को छात्रसंघ चुनाव से संबंधित मौजूदा नियमों और प्रतिनिधित्व के ढांचे में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश भी दिए। साथ ही चुनाव की तिथियां जल्द घोषित करने को कहा गया है। सरकार की इस पहल से विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र राजनीति में छात्राओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
29 सितंबर को हो सकते हैं छात्रसंघ चुनाव
बैठक में प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव 29 सितंबर को कराए जाने की संभावना पर भी चर्चा हुई। हालांकि अंतिम तिथि की औपचारिक घोषणा संबंधित स्तर पर की जानी है। सरकार की ओर से चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्राओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने से उनकी समस्याओं को छात्रसंघ के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनके सुझावों को विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की व्यवस्था में स्थान मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में महिला नेतृत्व को बढ़ावा मिलेगा और छात्राओं का आत्मविश्वास भी मजबूत होगा।
सेवा संकल्प अभियान में युवाओं को जोड़ने पर भी जोर
बैठक में सेवा संकल्प अभियान को लेकर भी चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को युवाओं को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक राजकीय और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान भाषण, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं के साथ ही युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री भी प्रतिभाग करेंगे। सरकार का उद्देश्य युवाओं को सेवा और जनभागीदारी से जोड़ने के साथ उच्च शिक्षण संस्थानों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।
बैठक में दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुरेखा डंगवाल, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति एसएस बिष्ट, मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति नवीन चंद्र लोहनी, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रमाकांत पांडेय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति अम्बरिश महाजन, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल तथा संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा एस. उनियाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

