उत्तराखण्ड
शुद्धिकरण पर धामी का पलटवार: कांग्रेस के पास अपमान का कोई प्रमाण नहीं
शुद्धिकरण पर धामी का पलटवार: कांग्रेस के पास अपमान का कोई प्रमाण नहीं
शुद्धिकरण पर धामी का पलटवार: कांग्रेस के पास अपमान का कोई प्रमाण नहीं
हल्द्वानी। हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि हल्द्वानी में किसी को अपमानित करने के लिए शुद्धिकरण यज्ञ किया गया। इसके बावजूद कांग्रेस द्वारा मामले को तूल दिया जाना केवल समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा करने का प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे संवेदनशील विषयों को हवा देने के बजाय कांग्रेस को तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।
धामी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। कांग्रेस इस मामले को सामाजिक सम्मान और दलित समाज के अपमान से जोड़कर कार्रवाई की मांग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का अपमान करना भाजपा की परंपरा नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर इस संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और कहा कि यदि किसी आरोप को लेकर बात कही जा रही है तो उसके समर्थन में प्रमाण भी सामने रखे जाने चाहिए।
इधर, मामले में बुधवार को नया घटनाक्रम सामने आया। हल्द्वानी पुलिस ने कथित शुद्धिकरण प्रकरण को लेकर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद मामले की परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की पहचान को लेकर जांच की जा रही है।
कांग्रेस इस मामले को लगातार राजनीतिक मुद्दा बना रही है। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से कार्रवाई की मांग की जा रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मामले को लेकर भाजपा नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की थी।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब इस मुद्दे पर सियासी टकराव और तेज होने के आसार हैं। एक ओर कांग्रेस इसे सामाजिक सम्मान और भेदभाव से जोड़ रही है, वहीं भाजपा का तर्क है कि बिना प्रमाण के इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाकर समाज में भ्रम पैदा किया जा रहा है।

