उत्तराखण्ड
“पहाड़ की सादगी को मिला राष्ट्र का सम्मान” — भगत दा को पद्मभूषण, राष्ट्रपति भवन में गूंजा उत्तराखंड का गौरव
“पहाड़ की सादगी को मिला राष्ट्र का सम्मान” — भगत दा को पद्मभूषण, राष्ट्रपति भवन में गूंजा उत्तराखंड का गौरव
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सोमवार को भगत सिंह कोश्यारी को लोक सेवा और जनसरोकारों में उनके लंबे योगदान के लिए पद्मभूषण सम्मान से अलंकृत किया। राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए।
समारोह में उपराष्ट्रपति सी . पी . राधाकृष्णन , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। इस अवसर पर कुल 66 हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड में “भगत दा” के नाम से लोकप्रिय कोश्यारी लंबे समय से सामाजिक जीवन, शिक्षा, पत्रकारिता और सार्वजनिक सेवा से जुड़े रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समर्पित स्वयंसेवक रहे भगत दा ने अपना जीवन गरीब, ग्रामीण और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित किया। उनकी सादगी, अनुशासन और जनसंपर्क शैली ने उन्हें पहाड़ की राजनीति में एक अलग पहचान दी।
पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल के रूप में भी उन्होंने अपनी विशिष्ट कार्यशैली से अलग छाप छोड़ी। पद्मभूषण सम्मान को उत्तराखंड के सामाजिक और राजनीतिक योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी स्वीकृति माना जा रहा है।
