अपराध
देहरादून में हाई-प्रोफाइल ठगी का खुलासा: ‘पीए’ बनकर महिला नेता से 25 लाख ऐंठे, आरोपी गिरफ्तार
देहरादून में हाई-प्रोफाइल ठगी का खुलासा: ‘पीए’ बनकर महिला नेता से 25 लाख ऐंठे, आरोपी गिरफ्तार
देहरादून में राजनीतिक रसूख का झांसा देकर की गई बड़ी ठगी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव बताने वाले एक शातिर आरोपी ने महिला नेता भावना पांडे से 25 लाख रुपये ठग लिए। मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य गौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जो पंजाब के अमृतसर का निवासी है।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने “कनिष्क सिंह” के नाम से फर्जी पहचान बनाकर भावना पांडे को विश्वास में लिया। उसने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के कई विधायक देहरादून में एक पांच सितारा होटल में ठहरे हैं और उनके ठहरने व अन्य व्यवस्थाओं के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है। साथ ही आरोपी ने महिला को पार्टी में बड़ा पद और राजनीतिक लाभ दिलाने का भरोसा भी दिया।
बताया गया कि 13 अप्रैल को आरोपी के एक साथी ने भावना पांडे के घर पहुंचकर नकद 25 लाख रुपये ले लिए। कुछ दिन तक संपर्क बनाए रखने के बाद आरोपी ने अचानक फोन बंद कर दिया, जिससे ठगी का मामला सामने आया। पीड़िता की शिकायत पर राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के निर्देश पर एसआईटी और राजपुर पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद ली। इसी बीच सूचना मिली कि गिरोह का एक सदस्य देहरादून में फिर से रकम लेने आने वाला है। पुलिस ने जाखन क्षेत्र में घेराबंदी कर गौरव कुमार को दबोच लिया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह और उसके साथी लंबे समय से देशभर के नेताओं को निशाना बनाकर ठगी कर रहे थे। इसके लिए वे ट्रू कॉलर और “नेता डॉट कॉम” जैसी वेबसाइटों से नेताओं की जानकारी जुटाते थे और उन्हें टिकट या पद दिलाने का झांसा देते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह पहले भी राजस्थान, बिहार और पंजाब समेत कई राज्यों में ऐसी वारदातों को अंजाम दे चुका है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हरियाणा नंबर की टैक्सी से देहरादून पहुंचा था और शहर में एंट्री के बाद लोकल नंबर की गाड़ी लेकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की। गिरोह में छज्जू, रजत मदान और मनिंदर सिंह कालू समेत अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। यह मामला दिखाता है कि राजनीतिक पहचान और भरोसे का इस्तेमाल कर किस तरह संगठित गिरोह बड़े स्तर पर ठगी को अंजाम दे रहे हैं।

