अपराध
अग्रिम जमानत पर झटका: पवन खेड़ा की याचिका खारिज, असम में कानूनी शिकंजा कसा
अग्रिम जमानत पर झटका: पवन खेड़ा की याचिका खारिज, असम में कानूनी शिकंजा कसा
गुवाहाटी से एक अहम कानूनी घटनाक्रम सामने आया है, जहां गौहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। यह याचिका असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ी थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने खेड़ा की गिरफ्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया, जिससे उनके लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। यह पूरा विवाद खेड़ा द्वारा लगाए गए उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी पर एक से अधिक पासपोर्ट और विदेशों में संपत्ति होने का दावा किया था।
इन बयानों के बाद गुवाहाटी में उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया, जिसमें चुनाव से जुड़े भ्रामक आरोप, जालसाजी, धोखाधड़ी और मानहानि जैसी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
इस बीच, मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी कानूनी मोड़ लिया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले स्पष्ट किया था कि खेड़ा यदि असम की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल करते हैं, तो उस पर निष्पक्ष सुनवाई होगी। हालांकि, ट्रांजिट बेल और अन्य राहत की मांग को सर्वोच्च अदालत पहले ही ठुकरा चुकी है।
गौरतलब है कि यह विवाद 5 अप्रैल को नई दिल्ली और गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिए गए बयानों के बाद शुरू हुआ था, जिसके अगले दिन 6 अप्रैल को एफआईआर दर्ज कराई गई। अब हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मामला और ज्यादा गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।
