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बड़ी खबर: कल बुधवार को उत्तराखंड में यहां बंद रहेंगे स्कूल, लगा नाइट कर्फ्यू

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उत्तराखंड के श्रीनगर में लगातार गुलदार की दहशत बनी हुई है। गुलदार के श्रीनगर व आस-पास के क्षेत्रों में लगातार सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन ने श्रीनगर नगर क्षेत्र सहित एक दर्जन गांवों में नाइट कर्फ्यू लगा दिया है।

सात फरवरी से नौ फरवरी तक शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक रहेगा। इसके अलावा खिर्सू ब्लॉक के विद्यालयों में बुधवार को भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।

  • पौड़ी जिले के आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश, कई बच्चों को बना चुका निवाला

एसडीएम श्रीनगर नूपुर वर्मा ने बताया कि गुलदार की सक्रियता को देखते हुए डीएम पौड़ी के निर्देशों पर श्रीनगर नगर क्षेत्र के साथ ही ग्राम श्रीकोट, ढिक्वाल गांव, सरणा, बुघानी, जलेथा, भटोली, ग्वाड़, रैतपुर, कोठगी, खिरसू में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है।उन्होंने कहा कि कर्फ्यू की अवधि के दौरान रात्रि के समय आम जनमानस का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा गुलदार की सक्रियता के चलते खिर्सू ब्लॉक के विद्यालयों में भी अवकाश घोषित कर दिया गया है।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव डाॅ. समीर सिन्हा ने पौड़ी जिले के आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश दिए हैं। गुलदार ग्राम ग्वाड़ और ग्लास हाउस श्रीनगर में पिछले दो दिन में दो बच्चों को मार चुका है। प्रभागीय वनाधिकारी को दिए आदेश में कहा, विशेष रूप से छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए चिह्नित गुलदार को अंतिम विकल्प के रूप में मारने के आदेश दिए गए हैं।


डीएफओ पौड़ी ने प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव को बताया, तीन फरवरी को गुलदार ने ग्राम ग्वाड़ पोस्ट खिर्सू निवासी 11 साल के अंकित पर गोशाला के सामने खेलते हुए हमला कर दिया था। गुलदार के हमले से अंकित की मौत हो गई थी। चार फरवरी को ग्लास हाउस रोड़ निवासी चार साल के अयान अंसारी को गुलदार घर के आंगन से उठा ले गया था। बच्चे का शव घर से 20 मीटर दूर झाड़ियों से बरामद किया गया था।
डीएफओ ने प्रमुख वन संरक्षक को भेजी रिपोर्ट में कहा, इन घटनाओं के बाद भी गुलदार क्षेत्र में तैनात गश्ती टीम को घटनास्थल के पास दिखाई दे रहा है। जो पिंजरे में पकड़ में नहीं आ रहा और न ही ट्रैंक्युलाइज किया जा सका है। गुलदार मानव जीवन के लिए खतरा हो गया है। आदेश में कहा, जन सुरक्षा को देखते हुए गुलदार को पिंजरा लगाकर पकड़ने या ट्रैंक्युलाइज करने के सभी प्रयास किए जाएं।

यदि इसके बाद भी पकड़ में नहीं आए तो गुलदार को मार दिया जाए। कहा, यह आदेश केवल चिह्नित गुलदार के लिए प्रभावी होगा। गुलदार को मारने की यह आज्ञा एक महीने तक वैध रहेगी, जो इस अवधि के बाद खुद समाप्त हो जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया कि क्षेत्र में ट्रैप कैमरा और पीआईपी के माध्यम से गुलदार की उपस्थिति की निगरानी की जाए। ड्रोन से भी क्षेत्र में निगरानी की जाए।

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संपादक - कस्तूरी न्यूज़

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