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तीर्थ यात्रियों के लिए खुला श्री केदारनाथ धाम मार्ग, एसडीआरएफ का दावा:10 हजार यात्री हुए रवाना

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रुद्रप्रयाग। श्री केदारनाथजी मार्ग पर ग्लेशियर आने से अवरुद्ध हुए मार्गों को एसडीआरएफ ने कड़ी मेहनत से खोलकर यात्रियों के जाने लायक बना दिया। एसडीआरएफ ने दावा किया है कि आज 10 हजार यात्रियों को केदारनाथ भेजा गया। यह मार्ग कल ग्लेशियर टूट जाने के कारण तीर्थ यात्रियों के लिए बंद हो गया था।
बताया गया है कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सहज, सुगम व सुरक्षित यात्रा हेतु एसडीआरएफ टीमें संवेदनशील स्थानों पर मुस्तैद है। यात्रा आरम्भ होने के उपरांत एसडीआरएफ टीमों द्वारा जहां एक ओर अस्वस्थ, असक्षम, दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं इत्यादि को सुगमतापूर्वक दर्शन कराने में सहयोग किया जा रहा है वही आवश्यक्तानुसार प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।


श्रीकेदारनाथ मार्ग पर कल 04 मई 2023 को लिनचोली से आगे भैरव ग्लेशियर व कुबेर ग्लेशियर पर पहाड़ी से अत्यधिक बर्फ आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया था। मौके पर उपस्थित इंस्पेक्टर अनिरुद्ध भंडारी, एसडीआरएफ के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीमों द्वारा सूझ बूझ व कार्यकुशलता से त्वरित कार्यवाही करते हुए फावड़े व बेल्चों की सहायता से अवरुद्ध मार्ग को खोलना आरम्भ किया। काफी देर की कड़ी मशक्कत के बाद बर्फ को काट- काटकर हटाया व श्रद्धालुओं के सुगमतापूर्वक आवागमन के लिए रास्ता खोल दिया गया।
एसडीआरएफ द्वारा अपने पर्यवेक्षण में श्रद्धालुओं को सुरक्षित पार कराया जा रहा था कि इसी बीच पुनः ग्लेशियर आने से मार्ग दुबारा बाधित हो गया। एसडीआरएफ टीमों द्वारा फिर से मोर्चा संभालते हुए युद्ध स्तर पर मार्ग को खोलने का कार्य किया जाने लगा। एसडीआरएफ जवानों द्वारा अत्यधिक कर्मठता, जुझारूपन व समपर्ण का परिचय देते हुए अपने अथक प्रयासों से पुनः यात्रा मार्ग को खोल दिया गया।

एसडीआरएफ टीम द्वारा आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सतर्कतापूर्वक सुरक्षित मार्ग पार कराया गया। ग्लेशियर आने से पैदल मार्ग का सुरक्षा बैरियर क्षतिग्रस्त होने पर एसडीआरएफ द्वारा रस्सियों से वैकल्पिक बैरियर बनाकर यात्रियों को सुरक्षा प्रदान की गई। चूँकि यात्री रात के अंधेरे में भी लगातार आ रहे थे तो एसडीआरएफ द्वारा रात भर मौक़े पर तैनात रहकर रास्ते से बर्फ को हटाया व लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग पार कराया गया।

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