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Samia Builders इस पर उसने बिल्डर्स के रुद्रपुर आफिस में दो प्लाट बुक कराए। बिल्डर अधिकृत अधिकारियों के नकद भुगतान पर 115 स्क्वायर गज का प्लाट आर 063 व आर 022 कालिंदी सामिया लेक सिटी काशीपुर रोड रुद्रपुर में मिलने पर उसने चेक और नकद भुगतान कर दिया।

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महिला समेत दो लोगों से सामिया बिल्डर्स ने ठगे 32.20 लाख, डायरेक्टर गिरफ्तार

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रुद्रपुर : प्लाट देने के नाम पर लालकुआं निवासी महिला समेत दो लोगों से सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामी और डायरेक्टर ने 32.20 लाख की ठगी कर ली। कोतवाल विक्रम राठौर ने बताया कि प्लाट दिलाने के नाम पर महिला डा. समेत चार से 48 लाख की धोखाधड़ी करने वाले डायरेक्टर सगीर अहमद खान पुत्र शकील अहमद निवासी अपार्टमेंट क्रासिंग रिपब्लिक गाजियाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बरेली रोड लालकुआं नैनीताल निवासी शहजाद खान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सामिया इंटरनेश्नल बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड उत्तर प्रदेश के स्वामी और वंसुधरा इनक्लेव पूर्वी दिल्ली निवासी जमील ए खान व डायरेक्टर गाजियाबाद निवासी सगीर अहमद खान पुत्र शकील अहमद खान ने ऊधम सिंह नगर में रुद्रपुर काशीपुर रोड पर एक कालोनी का विज्ञापन निकाला था।

इस पर उसने बिल्डर्स के रुद्रपुर आफिस में दो प्लाट बुक कराए। बिल्डर अधिकृत अधिकारियों के नकद भुगतान पर 115 स्क्वायर गज का प्लाट आर 063 व आर 022 कालिंदी सामिया लेक सिटी काशीपुर रोड रुद्रपुर में मिलने पर उसने चेक और नकद भुगतान कर दिया। प्लाट की मांग पर वे टहलाने लगे।

आरोप है कि बिल्डर्स ने प्लाट के नाम पर उससे 16.10 लाख रुपये ठग लिए। इधर, बरेली बरेली रोड लालकुआं नैनीताल निवासी फरहीन खान पत्नी शहजाद खान ने भी एसएसपी कार्यालय में दिए शिकायती में यही आरोप लगाया।

महिला डाक्टर ने कहा, दाखिल खारिज के दौरान खुला राज गांधी नगर लालकुआं नैनीताल निवासी डा. फरहीन खान पुत्री मो शहजाद खान ने एसएसपी कार्यालय में दी तहरीर में बताया कि वह डाक्टर है। 29 जनवरी 2020 को वह सामिया इंटरनेशनल बिल्डर्स के आफिस रुद्रपुर गई थी।

वहां उसने सामिया इंटरनेशनल के मालिक जमील ए खान निवासी अबूल फजल अपार्टमेंट वसुंधरा इनक्लेव पूर्वी दिल्ली व डायरेक्टर सगीर अहमद खान पुत्र शकील अहमद खान निवासी अपार्टमेंट क्रासिंग रिपब्लिक गाजियाबाद से प्लाट नंबर आर 021 आठ लाख पांच हजार रुपये में खरीदा था। इस प्लाट की उसने रजिस्ट्री भी करा ली थी। प्लाट के दाखिल खारिज की कार्रवाई के दौरान पता चला कि वह प्लाट है ही नहीं। पीड़िता का आरोप है कि बिल्डर्स ने कूट रचित फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर उससे ठगी की है।

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