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उत्तर प्रदेश

जानिये क्या है असद अहमद एंकाउंडर का विकास दुबे कन्केशन…एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अब तक १५० से ज्यादा बदमाशों का कर चुके सफाया, जानिये यश के बारे में सब कुछ

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नई दिल्ली। उमेश पाल हत्‍याकांड के आरोपी और माफि या अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम को यूपी एसटीएम ने गुरुवार को ढेर कर दिया। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिट्टी में मिला देंगे वाले बयान के स्टाइल में दोनों को पुलिस ने वाकई में मिट्टी में मिला दिया। आरोप है कि दोनों ने झांसी में अतीक अहमद को छुड़वाने के लिए पुलिस दल पर हमले की योजना बनाई थी जिसके तहत घेराबंदी करने के बाद पुलिस ने दोनों को परलोक पहुंचा दिया।

आपको बता दें कि अहद एनकाउंटर का कानपुर के कुख्यात विकास दुबे एनकाउंटर के साथ भी एक कनेक्शन हैं। वह कड़ी है यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश जिनके यश के चलते अब तक एनकाउंटर में १५० से ज्यादा बदमाशों का सफाया हो चुका है और उनमें से एक कानपुर विकास दुबे भी है जिसका एनकाउंटर भी यश के नेतृत्व में ही हुआ था।
अमिताभ यश के नाम से बड़े-बड़े अपराधी थर-थर कांपते हैं। शायद यही वजह थी कि अतीक की पत्‍नी शाइस्ता परवीन को डर था कि उसके पति और बेटे का भी एनकाउंटर हो सकता है। इसे लेकर एक पत्र भी शाइस्‍ता ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को लिखा था। दरअसल, अमिताभ इससे पहले भी उत्‍तर प्रदेश के कई बड़े मामलों में अपराधियों पर नकेल कस चुके हैं।

अमिताभ यश बिहार के भोजपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता राम यश सिंह भी आईपीएस अधिकारी थे। अमिताभ यश 1996 बैच के आईपीएस अफसर हैं। इन्‍हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी कहा जाता है। इन्‍होंने पढ़ाई दिल्‍ली के सेंट स्‍टीफ न कॉलेज से की है। इसके बाद यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए. अमिताभ यश का पहला जिला बतौर कप्‍तान संतकबीरनगर रहा।

अमिताभ यश लगभग 11 महीने संतकबीरनगर में सेवाएं देने के बाद कई जिलों में बतौर एसपी और एसएसपी तैनात रहे. साल 2007 में वह तक लाइम लाइट में आए जब उन्‍होंने बुंदेलखंड के जंगलों में डकैत ददुआ के खिलाफ अभियान छेड़ा और उसे ढेर कर दिया. अमिताभ 2007 में मायावती सरकार में एसटीएफ के एसएसपी बने, तो उन्‍होंने बुंदेलखंड के जंगलों में डकैत ददुआ के खिलाफ अभियान छे दिया था. वह तब तक शांत नहीं बैठे, जब तक उन्‍होंने इस पूरे गैंग का ढेर नहीं कर दिया. अभिताभ यश की टीम ने डकैत ठोकिया को भी ढेर कर दिया था. इनके रहते हुए ही चित्रकूट के जंगलों से डकैतों का सफाया हो गया.

यूपी में चाहे किसी भी पार्टी की सरकार रही हो, अमिताभ यश ने अपनी कार्यशैली में शायद ही कोई बदलाव किया हो. योगी आदित्‍यनाथ की सरकार जब सत्‍ता में आई, तो अमिताभ यश एसटीएफ के आईजी बने. इसके बाद जनवरी 2021 में उन्‍हें एसटीएफ का एडीजी बनाया गया. बताया जाता है कि अमिताभ यश ने अब तक 150 से ज्‍यादा बदमाशों को ढेर किया है. उन्‍होंने यूपी में मुख्‍तार और अतीक गैंग के शूटरों को ढेर किया है. कानपुर के बदमाश विकास दुबे और उसका गैंग भी अमिताभ यश की टीम के हाथों से ही ढेर हुआ था. इसीलिए अतीक अहमद ने यूपी की जेल से ट्रांसफर करा लिया था. अतीक को डर था कि यूपी में उसका एनकाउंटर कर दिया जाएगा. जब पिछले दिनों अतीक को कोटज़् में पेशी के लिए यूपी कोटज़् लाया जा रहा था, तब उन्‍होंने मीडिया से कहा था कि उसका एनकाउंटर होने वाला है।

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संपादक - कस्तूरी न्यूज़

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