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उत्तराखण्ड

मुख्यमंत्री धामी की दिशा और खनन निदेशक लेघा की प्लानिंग के बाद उत्तराखंड के खनन विभाग के दो प्रोजेक्ट्स SKOCH GOLD अवॉर्ड से सम्मानित

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उत्तराखंड के खनन विभाग के दो प्रोजेक्ट्स को SKOCH GOLD अवॉर्ड से सम्मानित किया गया

देहरादून: खनन विभाग, उत्तराखंड के दो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स MDTSS (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित SKOCH Award India’s Honest Independent Honour (GOLD) से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। पुरस्कार SKOCH Group के चैयरमेन श्री समीर कोचर और अन्य dignitaries द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसे भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय, खनिज भवन, देहरादून के निदेशक श्री राजपाल लेघा ने ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व और सक्षम मार्गदर्शन में खनिज नीति और नियमावली का सरलीकरण किया गया, जिससे न केवल अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगी है, बल्कि वैध खनन को भी बढ़ावा मिला है। इस कदम से राज्य के राजस्व में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।

खनन विभाग की सतत पहल और मुख्यमंत्री के निर्देशन के परिणामस्वरूप MDTSS और ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर जैसे प्लेटफॉर्म की परिकल्पना से लेकर सफल क्रियान्वयन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई। MDTSS योजना के अंतर्गत राज्य में अवैध खनन और खनिज परिवहन की रोकथाम एवं राजस्व वृद्धि के लिए चार मैदानी जिलों में 45 अनमैंड ई-चेक गेट्स स्थापित किए गए हैं। इनमें Verifocal Camera, ANPR Camera, RFID Tag, LED Flood Light जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं। इसके अतिरिक्त Mineral Management System, e-Ravanna, Mining e-Services for citizens and concessionaires, Mining Surveillance Enforcement System, Decision Support System (DSS), Mobile Applications, VTS और Weighbridge Integration & Management जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

ई-रवन्ना सिक्योरिटी पेपर के माध्यम से खनिजों के परिवहन में पूर्व में साधारण पेपर पर प्रपत्र जारी करने की प्रक्रिया को बदलकर विशेष सुरक्षा फीचर्स युक्त कागज पर प्रपत्र जारी किए जाने लगे हैं। इस व्यवस्था से प्रपत्रों की नकल और दुरुपयोग की संभावना पूरी तरह समाप्त हो गई है।

इन दोनों प्रभावशाली प्रोजेक्ट्स के परिणामस्वरूप न केवल अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण मिला है, बल्कि राजस्व में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। इस उपलब्धि से उत्तराखंड राज्य में खनन क्षेत्र में डिजिटल और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़े हैं।

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