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नड्डा पहुंचे तो भाजपा की चुनावी कसरत शुरू, कोर कमेटी बैठक में तीसरी पारी की रणनीति पर मंथन
जौलीग्रांट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आगमन के साथ उत्तराखंड भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए औपचारिक रूप से तीसरी पारी की तैयारी का बिगुल फूंक दिया। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद जौलीग्रांट स्थित एक होटल में कोर कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई।बैठक क्यों रही महत्वपूर्ण?यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। भाजपा लगातार दो बार सत्ता में रही है और अब “हैट्रिक” के लक्ष्य के साथ तीसरी पारी की तैयारी कर रही है। ऐसे में इस कोर कमेटी बैठक में चुनावी एजेंडा, संगठनात्मक मजबूती और जमीनी रणनीति पर गहन मंथन हुआ।

बैठक में मुख्य फोकस निम्न बिंदुओं पर रहा:
विधानसभा से लेकर बूथ स्तर तक की चुनावी रणनीति
कमजोर और मजबूत सीटों का विश्लेषण
विधायकों और मंत्रियों की क्षेत्रीय स्थिति की समीक्षा
कार्यकर्ताओं की जनता के बीच सक्रिय भागीदारी की योजना
सर्वे रिपोर्ट पर रणनीतिक चर्चा
हाल ही में भाजपा द्वारा कराए गए पहले चरण के सर्वे की रिपोर्ट भी बैठक का अहम आधार रही। सर्वे के जरिए यह परखा गया कि किन सीटों पर पार्टी की स्थिति मजबूत है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। यह स्पष्ट संकेत है कि पार्टी “डेटा आधारित” रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
सीट न बदलने का संकेत
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जो विधायक जिस सीट से निर्वाचित हैं, वे वहीं से अगले चुनाव की तैयारी करें। न तो मंत्रियों की सीट बदलेगी और न ही विधायकों की। इससे यह संदेश गया है कि पार्टी स्थिरता और स्थानीय जवाबदेही के आधार पर चुनावी मैदान में उतरेगी।
तीसरी पारी की राजनीतिक चुनौती
उत्तराखंड की राजनीति में अब तक कोई भी पार्टी लगातार तीन बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार नहीं बना पाई है। ऐसे में भाजपा के सामने ऐतिहासिक चुनौती है। इसीलिए कोर कमेटी की यह बैठक सिर्फ एक नियमित संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि तीसरी पारी की बुनियादी रणनीति तय करने का मंच बन गई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब “संगठन + सरकार की उपलब्धियां + बूथ प्रबंधन” के त्रिकोणीय फार्मूले पर काम करेगी।कुल मिलाकर, जौलीग्रांट की यह बैठक उत्तराखंड की राजनीति में तीसरी पारी की औपचारिक तैयारी का संकेत देती है, जहां भाजपा ने चुनावी शंखनाद कर दिया।






