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हम बन्दूक के ट्रिगर पे नहीं… खुद के जिगर पे जीते हैं… और ट्रिगर ने ही जान ले ली नितिन लोहानी की
- बेहद साधारण परिवार है नितिन का, बीकॉम करने के बाद कुछ समय दिल्ली में भी नौकरी की युवा ने
- सितंबर 2000 की फेसबुक पोस्ट पर नितिन का डाला हुआ स्टेटस अचानक चर्चा में
हल्द्वानी। हल्द्वानी में हुए सनसनीखेज गोली कांड में जान कमाने वाला 22 वर्षीय युवक नितिन लोहानी मूल रूप से ओखल कांडा के ढोलीगांव का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि नितिन बेहद ही सौम्या और मिलनसार प्रवृत्ति का था और बीकॉम करने के बाद उसने कुछ समय दिल्ली में नौकरी भी की थी और बाद में वह फिर हल्द्वानी वापस आ गया। हल्द्वानी में नितिन ने एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के संस्थान में भी कुछ समय तक काम किया था। बताया जा रहा है कि नितिन का परिवार बेहद ही सामान्य है।

इधर नितिन की मौत के बाद नितिन का सितंबर 2020 में डाला गया एक फेसबुक स्टेटस चर्चा में है। हालांकि आज की घटना से उसका कोई भी संबंध नहीं है मगर यह भी इत्तफाक है कि नितिन ने उसे स्टेटस में ट्रिगर से दूर रहने की बात कर खुद के जिगर की बात कही थी और यह भी एक दुखद संयोग रहा कि आखिरकार ट्रिगर दबाने से ही नितिन की जान गई जैसा कि नितिन की हत्या के बारे में आरोप सामने आ रहा है।





नितिन लोहानी भारतीय जनता पार्टी में अभी एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहा था। भीमताल विधानसभा चुनाव में नितिन ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक राम सिंह कैड़ा का भी समर्थन किया था।
बता दें कि नितिन की इतवार देर रात जजफार्म क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। नितिन की हत्या का आरोप भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ़ चिंटू के ऊपर लगा है जिसे फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।






