गढ़वाल
गढ़वाल की सुषमा खर्कवाल ने रचा इतिहास, रिकॉर्ड वोटों से जीतकर बनी लखनऊ की मेयर
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड की बेटियां अभिनय से लेकर राजनीति तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली सुषमा खर्कवाल इन्हीं में से एक हैं। सुषमा खर्कवाल यूपी की राजधानी लखनऊ की नई मेयर निर्वाचित हुई हैं। उनकी जीत से यूपी के साथ-साथ उनके गृह प्रदेश उत्तराखंड में भी खुशी की लहर है।
सुषमा ने सपा प्रत्याशी वंदना मिश्रा को 204161 मतों से के अंतर से हराया। सुषमा को कुल 502680 वोट मिले, जबकि सपा की वंदना मिश्रा को 298519 वोट मिले। सुषमा को राजनीति विरासत में नहीं मिली, बल्कि उन्होंने अपने दम पर इस क्षेत्र में अलग पहचान बनाई। गढ़वाल की बेटी सुषमा खर्कवाल के मेयर बनने पर उनके पौड़ी गढ़वाल स्थित मायके से लेकर ससुराल तक खुशी की लहर है। यमकेश्वर के भट्टगांव की रहे वाली सुषमा खर्कवाल का विवाह साल 1984 में दुगड्डा के कलढुंगा निवासी प्रेमलाल खर्कवाल के साथ हुआ।
उनका परिवार लंबे वक्त से लखनऊ में ही रह रहा है। तीन बहनों में सबसे छोटी सुषमा ने अपनी स्नातक तक की पढ़ाई कोटद्वार से की। उनके पति सेना में हवलदार पद से रिटायर हुए थे। बाद में विधानसभा में सहायक मार्शल के पद पर भी तैनात रहे। बेहद साधारण परिवार से आने वाली सुषमा करीब 35 साल से बीजेपी के लिए काम कर रही हैं। उनके पति सेना में थे, 2 बच्चों की जिम्मेदारी सुषमा पर थी। इसके बावजूद उन्होंने राजनीति को अपनाए रखा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की सभाओं और रैलियों में वह हमेशा आगे रहती थीं।
सुषमा खर्कवाल खाद्य रसद सलाहकार बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं। साथ ही क्षेत्रीय रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति की सदस्य, सैनिक कल्याण बोर्ड की सदस्य और दूरसंचार निगम की जिला स्तरीय सदस्य भी रह चुकी हैं। वह भारतीय पर्वतीय महासभा की राष्ट्रीय प्रभारी भी हैं। 59 साल की सुषमा अब लखनऊ की नई मेयर बनी हैं।






