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बेटे ने खुद पर ही करवाया हमला: तिलक राज बेहड़ का सनसनीखेज खुलासा, रिश्ते तोड़ने का ऐलान
- सौरभ बेहड़ ने रची खुद पर हमले की साजिश
- ‘मेरा बेटा ही दोषी’: खुद पर हमला करवाने का खुलासा करते हुए तिलक राज बेहड़ ने तोड़ा नाता
- मारपीट कांड में चौंकाने वाला मोड़: सौरभ ने खुद रचाई साजिश, पिता बोले– मुझे बर्बाद कर दिया
- पिता का दर्द छलका: बेटे सौरभ ने खुद पर हमला करवाया, कानून से नहीं होगी कोई रियायत
रुद्रपुर।पूर्व कैबिनेट मंत्री और तराई क्षेत्र के वरिष्ठ कद्दावर नेता तिलक राज बेहड़ के पुत्र सौरभ राज बहुगुणा मारपीट के मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। रुद्रपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वयं तिलक राज बेहड़ ने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम को उनके पुत्र सौरभ ने खुद ही साजिश के तहत अंजाम दिलवाया।
प्रेस वार्ता के दौरान तिलक राज बेहड़ भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि सौरभ ने अपने मित्र इंद्र से कहकर अपने ऊपर हमला करवाया, ताकि इस घटना को किसी और रूप में प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले ने न केवल उन्हें व्यक्तिगत रूप से तोड़ा है, बल्कि सार्वजनिक जीवन में भी उनकी छवि को गहरा आघात पहुंचाया है।
सार्वजनिक माफी, आंखों में आंसू
तिलक राज बेहड़ ने जनता और अपने समर्थकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें इस बात का गहरा दुख है कि उनके पुत्र की वजह से लोगों का विश्वास डगमगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी आंखों में आंसू साफ नजर आ रहे थे। उन्होंने कहा,“सौरभ ने मुझे बर्बाद कर दिया, समाज में मेरी वर्षों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया।”
पुत्र से सभी संबंध समाप्त करने का ऐलान
पूर्व मंत्री ने भावुक स्वर में यह भी घोषणा की कि अब वे सौरभ बहुगुणा से अपने सभी पारिवारिक और सामाजिक संबंध समाप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुत्र के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव इसलिए बना रहा क्योंकि सौरभ ने उन्हें किडनी दान दी थी, लेकिन इस घटना के बाद उन्होंने उन्हें किसी भी तरह का सहारा नहीं छोड़ा।
आत्मग्लानि और पीड़ा का इज़हार
तिलक राज बेहड़ ने कहा कि शायद उनके ही किसी पिछले कर्म का यह परिणाम है, जिसकी सजा उन्हें आज भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे दुखद क्षण बताया।
घरेलू विवाद पर भी उठाए सवाल
तिलक राज बेहड़ ने कहा कि यदि सौरभ के अपनी पत्नी के साथ मतभेद थे या कोई घरेलू समस्या थी, तो उसे पिता के रूप में उन्हें विश्वास में लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान संवाद से हो सकता था, न कि इस तरह की साजिश रचकर।
पुलिस की कार्रवाई की सराहना
पूर्व मंत्री ने पूरे मामले में पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में उनके पुत्र और उसके साथियों को कानून के तहत जो भी कड़ी से कड़ी सजा मिलती है, उसमें उनका किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होगा।उन्होंने दो टूक कहा,“कानून अपना काम करे, दोषी चाहे मेरा बेटा ही क्यों न हो।”फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और पुलिस द्वारा तथ्यों की गहन पड़ताल की जा रही है।





