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शस्त्र लाइसेंस धारकों के लाइसेंस खतरे में…नितिन हत्याकांड के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम, जिले के सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों के लाइसेंस खतरे में, पुलिस करेगी व्यापक सत्यापन

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हल्द्वानी।जज फार्म निवासी युवक नितिन लोहानी की सनसनीखेज हत्या के बाद जिले में शस्त्र लाइसेंस धारकों को लेकर पुलिस और प्रशासन सख्त हो गया है। इस हत्याकांड में नगर निगम के पार्षद अमित बिष्ट का नाम सामने आने और उनके लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग के बाद अब पूरे जिले में लाइसेंसी असलहा धारकों के लाइसेंस निरस्त होने का खतरा खड़ा हो गया है।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ पीसी ने स्पष्ट किया है कि बीते समय में यह बात सामने आई है कि कई लाइसेंसी हथियार धारकों द्वारा अपने शस्त्रों का गलत इस्तेमाल किया गया है। इसी को गंभीरता से लेते हुए अब जिले में मौजूद सभी शस्त्र लाइसेंस धारकों का पुलिस रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।

हर लाइसेंस धारक का होगा पुलिस सत्यापन

एसएसपी के अनुसार, पुलिस यह जांच करेगी कि किसी भी लाइसेंसी शस्त्र धारक के खिलाफ जिले के किसी भी थाने में कोई मुकदमा लंबित तो नहीं है। इसके साथ ही शांति भंग, मारपीट, धमकी या किसी भी प्रकार की तहरीर अगर थाने में दी गई है, तो उसे भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि किसी लाइसेंस धारक के खिलाफ केवल शिकायती पत्र ही क्यों न थाने में दर्ज हुआ हो, तो भी उसके शस्त्र लाइसेंस को निलंबित या निरस्त किए जाने की कार्रवाई लगभग तय मानी जाएगी। पुलिस अब “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रही है।

नितिन हत्याकांड से बदली तस्वीर

गौरतलब है कि जज फार्म निवासी नितिन लोहानी की हत्या पार्षद अमित बिष्ट द्वारा की गई थी। आरोप है कि इस जघन्य वारदात में पार्षद ने अपने दो नाली लाइसेंसी हथियार का इस्तेमाल किया। इसके अलावा उसके पास से एक छोटा माउजर भी बरामद किया गया था। पुलिस पहले ही इन सभी हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी कर चुकी है।

लाइसेंस धारकों में मचा हड़कंप

इस फैसले के बाद जिले भर के शस्त्र लाइसेंस धारकों में हड़कंप मच गया है। जिन लोगों के खिलाफ पहले कभी कोई विवाद, शिकायत या पुलिस कार्रवाई हुई है, उनके लाइसेंस अब सीधे खतरे की जद में आ गए हैं। प्रशासन का मानना है कि शस्त्र लाइसेंस “सुरक्षा” के लिए दिया जाता है, न कि दबदबा बनाने या कानून हाथ में लेने के लिए।

सख्त संदेश

नितिन हत्याकांड के बाद पुलिस का यह कदम साफ संकेत देता है कि अब शस्त्र लाइसेंस रखना जिम्मेदारी के साथ जुड़ा विषय है। कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए न सिर्फ हथियार छिनेंगे, बल्कि आगे और कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है

स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में जिले में शस्त्र लाइसेंस धारकों की संख्या घट सकती है और केवल वही लोग लाइसेंस रख पाएंगे जिनका रिकॉर्ड पूरी तरह साफ होगा।

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संपादक

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