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खेल जगत के दिग्गज घनश्याम लाल साह जी का निधन, नैनीताल में शोक की लहर
नैनीताल। खेल जगत की एक सम्मानित और अग्रणी शख्सियत घनश्याम लाल साह जी के आकस्मिक निधन की खबर से पूरे नगर में शोक की लहर है। दिल्ली में हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हुआ है। उनके जाने से नैनीताल ने एक ऐसे कर्मठ व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने जीवन भर खेल संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने का कार्य किया।
घनश्याम लाल साह जी को एक उत्कृष्ट और बहुमुखी खिलाड़ी के रूप में पहचाना जाता था। वे हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट और टेबल टेनिस जैसे कई खेलों में पारंगत थे। टेनिस खेलना उन्होंने अपेक्षाकृत देर से शुरू किया, लेकिन अपने समर्पण और अनुशासन के बल पर जल्द ही इस खेल में भी दक्षता हासिल कर ली।कुमाऊँ विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स ऑफिसर के रूप में उनका कार्यकाल बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने विश्वविद्यालय की खेल गतिविधियों को नया आयाम दिया और अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मार्गदर्शन प्रदान कर उन्हें सफलता की राह दिखाई। उनके नेतृत्व में खेलों को संस्थागत मजबूती मिली और युवाओं में खेल भावना का विस्तार हुआ।
जिला खेल अधिकारी के रूप में पिथौरागढ़ सहित अन्य स्थानों पर भी उन्होंने उल्लेखनीय सेवाएं दीं। जहां भी वे कार्यरत रहे, वहां उनके सकारात्मक योगदान और प्रशासनिक दक्षता की सराहना की गई।नैनीताल की खेल संस्था डीएसए में लंबे समय तक महासचिव रहते हुए उन्होंने संगठन का संचालन अत्यंत गरिमापूर्ण और पारदर्शी ढंग से किया। डीएसए की गतिविधियों और संपत्तियों में किसी भी प्रकार की बाहरी दखलंदाजी के खिलाफ वे सदैव मुखर रहे और संस्थागत स्वायत्तता को बनाए रखने के लिए दृढ़ता से खड़े रहे।सामाजिक सरोकारों में भी वे अग्रणी रहे।
नैनीताल झील की सफाई को लेकर उन्होंने खिलाड़ियों और युवाओं को साथ जोड़कर लंबे समय तक ‘उपकार’ सेवा अभियान सफलतापूर्वक चलाया। खेल के साथ-साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही। नगर की प्रतिष्ठित संस्था शारदा संघ के पदाधिकारी के रूप में उन्होंने सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।






